नई दिल्ली, 13 मार्च (आईएएनएस)। मौजूदा चैम्पियन जर्मनी और लगातार दो बार उसके हाथों फाइनल गंवाती आ रही आस्ट्रेलियाई टीम के बीच शनिवार को हीरो होंडा एफआईएच विश्व कप का खिताबी मुकाबला खेला जाएगा। पिछले चार मौकों पर जब भी दोनों टीमों के बीच प्रतिष्ठा के लिए 'लड़ाई' हुई है, तीन मौकों पर जर्मनी ने बाजी मारी है।
मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में शनिवार को दोनो टीमों के बीच प्रतिष्ठा की जंग होगी और पिछले रिकार्ड को देखते हुए इस जंग के लिहाज से जर्मनी का पलड़ा भारी नजर आ रहा है। वैसे आंकड़ों के बिनाह पर आस्ट्रलिया को कम आंकना जर्मनी के लिए घातक हो सकता है क्योंकि कुकाबुरा टीम में हर वो बात है जो एक चैम्पियन टीम में होनी चाहिए।
पिछले चार मुकाबलों की बात करें, तो जर्मनी ने 2006 विश्व कप के फाइनल में आस्ेट्रलिया पर 4-3 से, 2002 विश्व कप के फाइनल में जर्मनी ने एक बार फिर आस्ेट्रलिया पर 2-1 से जीत हासिल की थी। इसके अलावा 1998 में तीसरे और चौथे स्थान के लिए खेले गए प्ले-ऑफ मुकाबले में जर्मनी ने आस्ट्रेलिया को 1-0 से हराया था। 1994 विश्व कप में तीसरे और चौथे स्थान के लिए खेले गए मैच में बेशक आस्ट्रेलियाई टीम जर्मनी को 5-2 से हराने में सफल रही थी।
इस विश्व कप में जर्मनी की टीम एक भी मैच नहीं हारी है। पूल-ए में उसने अपने हिस्से आए पांच मैचों में से तीन में जीत हासिल की थी जबकि दो मुकाबले बराबरी पर छूटे थे। जर्मनी ने न्यूजीलैंड, अर्जेटीना और कनाडा को हराया था। हॉलैंड और कोरिया के खिलाफ उसका मुकाबला ड्रा रहा था। इसके बाद जर्मनी ने सेमीफाइनल में पूल-बी में दूसरे स्थान पर रहे इंग्लैंड को बड़े अंतर से हराया।
इंग्लैंड को हराने के साथ जर्मनी की टीम ने विश्व कप में लगातार 19 मैचों में जीत हासिल की। यह टीम 2002 विश्व कप के बाद से अब तक अजेय है। अब उसके सामने आस्ट्रेलिया द्वारा स्थापित विश्व कप में सर्वाधिक 20 मैचों में जीत हासिल करने का विश्व रिकार्ड तोड़ने का मौका है। आस्ट्रेलिया ने 1978 से 1990 तक विश्व कप में लगातार 20 जीत हासिल की थी।
आस्ेट्रलिया के फाइनल तक के सफर की बात करें, तो उसने पूल-बी में खराब शुरुआत के बाद लगातार चौथी जीत हासिल की। उसे अपने पहले ही पूल मैच में इंग्लैंड के हाथों हार मिली थी। इसके बाद उसने भारत, दक्षिण अफ्रीका, स्पेन और पाकिस्तान को हराया।
दक्षिण अफ्रीका को उसने 12-0 के अंतर से हराया। यह एक विश्व रिकार्ड है। इसके बाद सेमीफाइनल में उसका सामना पूल-ए में दूसरे स्थान पर रही यूरोपीयन पावरहाउस हॉलैंड से हुई। आस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने शानदार खेल दिखाते हुए यह मैच 2-1 से अपने नाम किया।
जर्मनी और आस्ट्रेलिया लगातार तीसरी बार फाइनल में भिड़ रहे हैं। दोनों टीमों के बीच विश्व कप में कुल 11 मैच खेले गए हैं। दोनों टीमों ने चार-चार मैच जीते हैं जबकि तीन मैचों का नतीजा नहीं निकल सका। आस्ट्रेलिया लगातार तीन बार विश्व कप के फाइनल में जगह बनाने वाली तीसरी टीम है। इससे पहले जर्मनी ने 2002 से 2010, पाकिस्तान ने 1975 से 1982 और हालैंड ने 1990 से 1998 के बीच यह कारनामा किया है।
जर्मन टीम जहां खिताब की हैट्रिक पूरा करने का प्रयास करेगी वहीं कुकाबुरा टीम को अपने दूसरे खिताब का इंतजार होगा। उसने 1986 में इंग्लैंड को 2-1 से हराकर इस खिताब पर कब्जा किया था। इसके बाद हालांकि उस एक भी खिताब जीत नहीं मिल सकी। आस्ट्रेलिया ने एक खिताबी जीत के अलावा विश्व कप में दो बार रजत पदक और चार बार कांस्य पदक हासिल किए हैं। वैसे यह मैच जर्मनी के लिए इसलिए भी खास होगा क्योंकि इसे जीतकर वह हॉकी विश्व कप में लगातार तीन बार खिताब हासिल करने वाली एकमात्र टीम बन जाएगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।