पहले लीग मुकाबले में भारतीय टीम हारते-हारते बची थी। रवि पाल सिंह ने अंतिम मिनट में गोल दागकर चीन के खिलाफ अपनी टीम को शानदार बराबरी दिलाई थी। रवि की मदद से भारत वह मैच 1-1 की बराबरी पर रोकने में सफल रहा था। भारत ने दो मैचों से चार अंक जुटा लिए हैं।
दूसरे मुकाबले में पाकिस्तान पर मिली जीत ने न सिर्फ भारत को तालिका में सबसे ऊपर पहुंचा दिया है बल्कि खिताब बचाने के लिए जरूरी आत्मविश्वास भी दिया है। भारत ने 2009 के अलावा 1985, 1991 और 1995 में इस खिताब पर कब्जा किया है।
भारत की ओर से सरदार सिंह ने 26वें मिनट में पहला गोल किया। सरदार ने फुल बैक धनंजय महाडिक द्वारा पेनाल्टी कार्नर पर बनाए गए मूव पर गोल दागा। पाकिस्तान को 31वें मिनट में पहला पेनाल्टी कार्नर मिला लेकिन आमिर शहजाद का वह प्रयास बेकार साबित हुआ।
इसके छह मिनट बाद पाकिस्तान ने जवाबी गोल करने में सफलता हासिल की। 37वें मिनट में हासिल पेनाल्टी कार्नर को गोल में कप्तान मोहम्मद इमरान ने अपनी टीम को 1-1 की बराबरी पर ला दिया।
भारतीय टीम भला कहां पीछे रहने वाली थी। 47वें मिनट में गुरबाज सिंह ने मंदीप अंतिल द्वारा बनाए गए शानदार मूव पर गोल करके अपनी टीम को 2-1 से आगे कर दिया। 50वें मिनट में भारत को एक और गोल करने का शानदार मौका मिला लेकिन महाडिक के इस प्रयास पर गेंद पोस्ट से काफी दूर से निकल गई।
53वें मिनट में गुरबाज ने एक और गोल करके टीम को 3-1 की महत्वपूर्ण बढ़त दिला दी। इसके तीन मिनट बाद तुषार खांडेकर ने टीम को 4-1 से आगे करा दिया। 66वें मिनट में कासिफ अली ने पाकिस्तान के लिए एक गोल दागा और स्कोर को 4-2 कर दिया लेकिन तब तक पाकिस्तान के जीत हासिल करने की उम्मीदें ध्वस्त हो चुकी थीं।
पाकिस्तान पर भारत की यह दो महीने के भीतर लगातार दूसरी जीत है। भारतीय टीम ने नई दिल्ली में आयोजित एफआईएच विश्व कप के अपने पहले पूल मैच में पाकिस्तान को 4-1 के अंतर से पराजित किया था।
इससे पहले, शुक्रवार को खेले गए दिन के पहले मुकाबले में विश्व चैम्पियन आस्ट्रेलिया ने विजयी शुरुआत की। आस्ट्रेलियाई टीम ने अपने पहले मुकाबले में मिस्र को 4-0 से पराजित किया।
इस जीत ने आस्ट्रेलिया के खाते में तीन अंक डाल दिए हैं। मिस्र की यह लगातार दूसरी हार है। उसे गुरुवार को खेले गए पहले मुकाबले में दक्षिण कोरिया ने 6-0 से पराजित किया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।