
बुरे फसे हैं बेनक्रॉफ्ट
बेनक्रॉफ्ट को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मौजूदा सीरीज में गेंद से छेड़छाड़ करते हुए कैमरे में कैद किया गया है। उन्होंने अपनी गलती मान ली है। उनके कप्तान ने भी इस बात का भरोसा दिलाया है कि अब ऐसी गलती आगे नहीं होगी।

पाकिस्तानी दिग्गज भी हो चुके हैं विवाद से बदनाम
बॉल टेम्परिंग का इतिहास काफी पुराना है। पाकिस्तान के दिग्गज ऑलराउंडर इमरान खान और सरफराज नवाज को रिवर्स स्विंग का जनक माना जाता है। रिवर्स स्विंग टेस्ट मैच में तेज गेंदबाजों का सबसे प्रमुख हथियार मानी जाती है। कथित तौर उन पर बॉल टेम्परिंग का आरोप लगा। हालांकि, इमरान खान ने हमेशा इसका खंडन किया। उनका कहना था कि गेंद जैसे पुरानी होती है, अगर उसकी चमक एक तरफ बनाई रखे जाए तो रिवर्स स्विंग कराने में मदद मिलती है। इसके लिए बॉल को हमेशा खिलाड़ी एक तरफ से पैंट पर घिसते थे, जिससे कि उसकी चमक बरकरार रहे। इसे बॉल टेम्परिंग कहना सही नहीं होगा।

जब सचिन पर लगा था बैन और हिल गया था क्रिकेट जगत
बॉल टेम्परिंग का पूरे क्रिकेट जगत को हिलाने वाले केस का गवाह भी दक्षिण अफ्रीका और उसकी सरजमीं ही है। वहीं पर क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर पर कथित तौर पर गेंद से छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया था। यह घटना 2001 में अफ्रीकी दौरे की है। दरअसल, उस समय बारिश का मौसम था और गेंद बार-बार गीली हो जा रही थी। इससे गेंद की सिलाई वाली जगह पर मिट्टी जम जा रही थी, जिसे सचिन अपने नाखूनों से निकालने की कोशिश कर रहे थे। उस मैच में रेफरी इंग्लैंड के माइक डेनिस थे, जिन्हें उनके खेल करियर से ज्यादा उनकी नस्लीय टिप्पणियों के लिए जाना जाता है। डेनिस ने तीसरे दिन का खेल खत्म होने के बाद भारतीय टीम के मैनेजर को एक चिठ्ठी पकड़ाई। इसमें जरूरत से ज्यादा अपील करने की वजह से वीरेंद्र सहवाग, दीपदास गुप्ता, हरभजन सिंह और शिव सुंदर दास को एक मैच से निलंबित कर दिया गया था। वहीं, सचिन पर बॉल टेम्परिंग की वजह से एक मैच का बैन लगाया था।

भारतीय टीम ने रेफरी के तानाशाही भरे फैसले का किया था विरोध
उस मैच के दौरान ही भारतीय टीम ने रेफरी के इस तानाशाही भरे फैसले का विरोध करना शुरू कर दिया। नौबत सीरीज छोड़कर वापस लौटने तक पहुंच गई। हालांकि, इस पूरे विवाद में अफ्रीकी बोर्ड ने भारतीय टीम का साथ दिया और कहा कि अगर डेनिस रेफरी रहेंगे तो वे मैच ही नहीं खेलेंगे। आखिरकार, सीरीज के अगले मैच से डेनिस को बाहर कर दिया। उस समय क्रिकेट जगत और आईसीसी पर ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड का दबदबा था। इसी वजह से आईसीसी ने उस टेस्ट मैच को अधिकारिक टेस्ट का दर्जा नहीं दिया।

आज भारत का आईसीसी में जो रुतबा है, उसकी वजह माइक डेनिस और वो टेस्ट मैच है
अगला मैच भारत का इंग्लैंड के साथ मोहाली में था। बाकी सभी खिलाड़ियों पर से आरोप तो हटा लिए गए, लेकिन आईसीसी सहवाग को उस मैच से बाहर रखने पर अड़ गई। नतीजा ये हुआ कि 23 वर्षीय युवा सहवाग को उस मैच में बेंच पर बैठना पड़ा। बीसीसीआई ने उस समय तो अपमान का घूंट पी लिया, लेकिन उसके बाद उसने आईसीसी समेत पूरे क्रिकेट जगत को टेक ओवर करने की तैयारी कर ली। आज भारत का आईसीसी में जो रुतबा है, उसकी वजह माइक डेनिस और वो टेस्ट मैच है। इस बात को आप ऐसे समझ सकते हैं कि उस मैच के बाद डेनिस ने सिर्फ 2 टेस्ट और 3 वनडे मैच में रेफरी की भूमिका निभाने को मिली।

अपनी ऑटोबायोग्राफी में सचिन ने बताई सच्चाई
सचिन ने अपनी ऑटोबायोग्राफी Playing it My Way में इस बात का जिक्र किया है। उन्होंने लिखा, 'मेरे लिए वह बहुत ही मुश्किल समय था। मैंने क्रिकेट को हमेशा ईमानदारी के साथ खेला। उस मैच मैंने सिर्फ गेंद के सिलाई वाली जगह में फंसी घास और मिट्टी को निकलने के लिए अंगूठे का इस्तेमाल किया था। मैंने कभी भी बॉल टेम्परिंग नहीं की।'

बेनक्रॉफ्ट उसी कड़ी में अगला नाम है
हालांकि, इस मैच के बाद पाकिस्तान के वसीम अकरम, वकार यूनिस और शाहिद अफरीदी, अफ्रीका के जोहान बोथा और मौजूदा टेस्ट कप्तान फाफ डू प्लेसी इंग्लैंड के जेम्स एंडरसन जैसे दिग्गज खिलाड़ियों को गेंद से छेड़छोड़ के आरोप में बैन झेलना पड़ा है। बेनक्रॉफ्ट उसी कड़ी में अगला नाम है।


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