भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के उपाध्यक्ष और प्रवक्ता राजीव शुक्ला ने मंगलवार को कहा कि मामले की गंभीरता को संज्ञान में लेते हुए अध्यक्ष शशांक मनोहर ने कार्यकारी परिषद की बैठक बुलाने का फैसला किया है।
बीसीसीआई की कार्यकारिणी के एक प्रभावशाली सदस्य ने मनोहर को इस मुद्दे पर तत्काल कार्यकारी परिषद की बैठक बुलाने को कहा है। मनोहर का मत है कि बोर्ड अधिकारियों को सोशल नेटवर्किं ग वेबसाइट 'ट्विटर' के माध्यम से अपना वाकयुद्ध बंद कर देना चाहिए।
बीसीसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा, "मैं मनोहर से सहमत हूं। बोर्ड की नीतिगत और गुप्त बातों को ट्विटर या फिर ईमेल के जरिए सार्वजनिक करना किसी लिहाज से उचित नहीं है।"
मनोहर ने इस संबंध में मोदी को एक कड़ा पत्र लिखा है। उन्होंने मोदी से ट्विटर पर बोर्ड की गुप्त बातों को उजागर नहीं करने को कहा है। मोदी हालांकि इस बात को लेकर अब भी अड़े हुए हैं कि उन्होंने ट्विटर के माध्यम से कोई भी गुप्त या महत्वपूर्ण जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।
इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने के प्रयासों को दरकिनार करते हुए शुक्ला ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान साफ किया कि यह थरूर और मोदी के बीच का व्यक्तिगत मामला है और इसका कांग्रेस पार्टी से कोई संबंध नहीं।
इससे पहले, थरूर ने इस बात से इंकार किया कि उन्होंने मोदी को फोन कर कोच्चि फ्रेंचाइजी के हिस्सेदारों के नाम सार्वजनिक न करने का आग्रह किया था। कोच्चि फ्रेंचाइजी की नीलामी 1,530 करोड़ रुपये में हुई थी।
माना जाता है कि थरूर ने इस फ्रेंचाइजी को हासिल करने वालों की मदद की थी। मोदी की ओर से सोमवार को ट्विटर पर इस फ्रेंचाइजी के बारे में की गई टिप्पणी के बाद थरूर सबके निशाने पर आ गए हैं। अब उन्होंने इस पर सफाई देते हुए आईपीएल कमिश्नर को ही कटघरे में खड़ा कर दिया है।
थरूर ने कहा, "फ्रेंचाइजी समझौते में कुछ बदलावों की बात कह कर मोदी ने कोच्चि टीम की स्वीकृति टाल दी थी। इसके बाद कोच्चि के लिए बोली लगा रहे लोगों ने इसमें बदलाव किया और फिर मोदी से मिलने बेंगलुरू गए। वहां उस दिन एक आईपीएल मैच के बाद मोदी से उनकी मुलाकात हुई।"
उन्होंने कहा, "सुझावों के मुताबिक बदलाव किए जाने के बाद भी कोच्चि के लिए बोली लगाने वालों को सवालों की एक फेहरिस्त थमा दी गई। उस समय इस बात का संदेह हुआ कि मानो मोदी स्वीकृति देने में विलंब कर रहे हैं और इसके लिए बहाने बना रहे हैं। इसी वजह से मैंने दखल दिया। क्या मोदी ने उस समय यह सब सही मंशा से किया था?"
मोदी पर निशाना साधते हुए थरूर ने कहा, "मोदी और अन्य लोग अपने अनैतिक प्रयास से केरल की फ्रेंचाइजी को रोकना चाहते थे जो पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया में सफल हुई थी। यह बहुत शर्मनाक है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।