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B,day Special : जानिए उस रणजीत सिंह की कहानी, जिनके नाम पर खेली जाती है रणजी ट्रॉफी

नई दिल्ली। रणजीत सिंह...यह वो नाम है जिसे भारतीय क्रिकेट ने अमर कर दिया है। इन्हीं के नाम से राष्ट्रीय क्रिकेट चैंपियनशिप आयोजित की गई जो आज भी रणजी ट्रॉफी के नाम से चल रही है। हालांकि ये बात अलग है कि उन्होंने इंग्लैंड के लिए क्रिकेट खेला, लेकिन भारतीय क्रिकेट में जान भरने के लिए उन्हीं का योगदान रहा। आज इन्हें इसलिए याद किया जा रहा है क्योंकि में जन्में रणजीत सिंह का आज क्रिकेट जगत में 148वां जन्मदिन मनाया जा रहा है। उन्होंने आखिरी सांस 2 अप्रैल 1933 को ली थी। रणजीत का क्रिकेट सफर कैसा रहा और क्या कहानी रही, आइए जानें-

मुश्किल में हुआ था चयन

मुश्किल में हुआ था चयन

रणजीत उस समय 16 साल के थे जब वे पढ़ाई करने के लिए इंग्लैंड चले गए थे। उन्हें फुटबाॅल, टेनिस जैसे खेल से प्यार था लेकिन इंग्लैंड में क्रिकेट का क्रेज देखते हुए उन्होंने भी इसकी ओर पैर पसारने शुरू कर दिए। उनकी सिलेक्शन इंग्लैंड के लिए के लिए ही हुई। लेकिन इसके लिए भी काफी विवाद हुआ। रणजी ने अपना पहला मैच 16 जुलाई 1896 को मैनचेस्ट में आस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था, लेकिन इससे पहले इंग्लैंड के चयनकर्ता उन्हें टीम में शामिल करने के पक्ष में नहीं थे। लार्ड हारिस रणजीत के खिलाफ थे। उनका कहना था कि रणजीत का जन्म इंग्लैंड में नहीं बल्कि भारत में हुआ है, तो इंग्लैंड टीम में उनका चयन नहीं होनी चाहिए। हालांकि, रणजीत ने 1993 से ही रणजी मैचों में खेलना शुरू किया था।

इस दाैरान उन्हें उनकी निराली बल्लेबाजी के लिए जाना जाता था। रणजी ने अपनी कलाईयों की जादूगरी से इस खेल में लेग ग्लांस जैसे ऑन साइड के कई नए स्ट्रोक जोड़े थे। रणजीत अपने जमाने के ऐसे बल्लेबाज थे जिनके पास कई तरह के स्ट्रोक की भरमार थी। सचिन तेंदुलकर ने भी इन्हीं को फोलो करते हुए ऑन साइड पर कई स्ट्रोक लगाना सीखे हैं। रणजी की अद्भुत बल्लेबाजी देख बाद में इंग्लैंड के चयनकर्ता भी हैरान रहे और उन्होंने उन्हें अपनी टीम में शामिल कर लिया।

पहले ही टेस्ट में किया धमाल

पहले ही टेस्ट में किया धमाल

रणजीत ने खुद को साबित भी किया। उन्होंने आस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में ही 62 और नाबाद 154 रन की दो लाजवाब पारियां खेल डालीं। उन्होंने दूसरे पारी में 154 रन 23 चाैकों की मदद से पूरे किए थे। इसी के साथ वह दुनिया के पहले खिलाड़ी बन गए जिन्होंने अपने पहले टेस्ट मैच में पहली पारी में अर्धशतक और दूसरे पारी में शतक लगाया हो। सिर्फ इतना ही नहीं रणजीत टेस्ट क्रिकेट के पहले खिलाड़ी थे, जो अपने करियर के पहले टेस्ट मैच में शतक लगाते हुए नाबाद रहे। रणजीत ने इंग्लैंड के लिए 15 टेस्ट मैच खेले हैं जिसमें उन्होंने 2 शतक व 6 अर्धशतक के साथ 989 रन बनाए हैं। उनका उच्चत्तम स्कोर 175 रहा।

प्रथम श्रेणी क्रिकेट में धमाल

प्रथम श्रेणी क्रिकेट में धमाल

रणजीत का प्रथम श्रेणी क्रिकेट में ज्यादा दबदबा रहा है। उन्होंने खेले 307 मैचों में 56.37 की औसत से 24,692 रन बनाए हैं, जिसमें 109 अर्धशतक के साथ 72 शतक भी शामिल रहे। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उनका उच्चत्तम स्कोर नाबाद 285 रहा। उन्होंने 133 विकेट भी चटकाए हैं। रणजी का बल्ला इंग्लैंड में बोलता था लेकिन ज्यादा तारीफ उनकी भारत में होती थी। रणजीत के नाम एक अद्भुत कीर्तिमान है। अंग्रेजों की टीम में खेलने वाले इस भारतीय दिग्गज ने 22 अगस्त 1896 को एक ही दिन में दो शतक लगाने का करनामा किया था। उन्होंने इंग्लैंड के शहर होव में ससेक्स की ओर से खेलते हुए यॉर्कशायर के खिलाफ पहली पारी में 100 और दूसरी पारी में नाबाद 125 रन बनाए थे।

Story first published: Thursday, September 10, 2020, 11:03 [IST]
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