बेंगलुरु। आज टीम इंडिया के पूर्व लेग-कटर स्पेशलिस्ट वेंकटेश प्रसाद का जन्मदिन है। 5 अगस्त, 1969 को जन्मे वेंकटेश के बेहतरीन क्रिकेट करियर के बारे में तो हर क्रिकेट प्रेमी को पता है लेकिन लोग उनकी पर्सनल लाइफ में बारे में बहुत कम जानते हैं।
बापू कृष्णाराव वेंकटेश प्रसाद का जन्म, कर्नाटक के बैंगलोर शहर, में हुआ था। खेल से आक्रामक, स्वभाव से शर्मिले और दिल से बेहद रूमानी मिजाज रखने वाले वेंकटेश प्रसाद के जन्मदिन पर हम आज आपको उनकी खूबसूरत लव-लाइफ के बारे में बताते हैं।
आप में से बहुत कम लोग जानते होंगे कि प्रसाद की जीवनसंगिनी जंयति प्रसाद उनसे उम्र में नौ साल बड़ी हैं। दोनों की पहली मुलाकात मौजूदा, टीम इंडिया के हेडकोच अनिल कुंबले, ने एक पार्टी में करायी थी। कुंबले के साथ जंयति टाइटन कंपनी में काम करती थीं इसलिए उनकी अच्छी दोस्त थीं।
एक अंग्रेजी पत्रिका में छपी खबर के मुताबिक जंयति को पहली ही नजर में प्रसाद काफी अच्छे लगे थे और प्रसाद को भी जंयति भा गई थीं लेकिन दोनों की उम्र में 9 साल का अंतर था। बावजूद इसके, धीरे-धीरे दोनों के बीच का आकर्षण प्रेम में तब्दील हो गया। लैंडलाइन के जमाने में दोनों घंटों फोन पर बातें करते थे लेकिन दोनों ही कनफ्यूज थे कि प्रपोज कैसे करें।
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प्रसाद के लिए वो समय संघर्ष का था, वो तब टीम इंडिया के स्टार क्रिकेटर नहीं बने थे, जबकि जंयति टाइटन कंपनी में पीआरओ के पद पर थीं, ऐसे में प्रसाद ने अपने दिल की बात दिल में ही रखने की सोच ली थी। वो चाहकर भी जंयति को 'आईलवयू' बोल नहीं पा रहे थे लेकिन कहते हैं ना कि 'इश्क और मुश्क छुपाये नहीं छुपते'..जंयति को जल्द ही एहसास हो गया..कि प्रसाद हिचक क्यों रहे हैं.. बस उन्होंने बिना देर किये ही प्रसाद को अपने दिल की बात बता दी और शादी का प्रपोजल रख दिया।
आमतौर पर लड़कियां ऐसे मामले में पहल नहीं करती हैं लेकिन जंयति ने ऐसा किया। उसके बाद उनकी उम्र प्रसाद से ज्यादा थी, ऐसे में प्रसाद की फैमिली का दोनों के रिश्ते के लिए 'यस' कहना काफी मुश्किल था लेकिन शायद प्यार इंसान को बेहतर और निडर बना देता है। इसी कारण प्रसाद ने भी ठान ली थी कि वो अपने रिश्ते के लिए अपने परिवार वालों को दिल से राजी करेंगे।
और उनकी ये कोशिश काम भी आयी और बाद में उनकी फैमिली ने प्रसाद-जंयति को स्वीकार कर लिया और 1996 में दोनों ने शादी कर ली। आज दोनों के प्यार के बगिया में बेटे 'पृथ्वी' नाम का फूल भी है। दोनों की प्रेम-कहानी ने साबित कर दिया कि प्यार केवल दिल से होता है। अगर आप किसी को दिल से चाहते हैं तो ना कोई मजहब और ना कोई उम्र उस प्यार को कम कर सकता है।
भारत के इस महान क्रिकेटर को दिल से सलाम और जन्मदिन की बहुत सारी शुभकामनाएं।