नई दिल्ली: पूर्व क्रिकेटर बिशन सिंह बेदी ने बुधवार को DDCA की प्राथमिक सदस्यता छोड़ दी। बिशन बेदी ने फिरोजशाह कोटला मैदान में स्वर्गीय अरुण जेटली की प्रतिमा लगाने से असहमति का हवाला देते हुए डीडीसी ट्रस्ट को एक पत्र लिखा, बिशन बेदी ने कहा कि जब जेटली डीडीसीए के अध्यक्ष थे, तो उन्होंने उन विकल्पों से सहमति नहीं जताई थी, लेकिन जेटली के निधन के बाद वह उम्मीद नहीं करते कि अगली पीढ़ी तक भी ये असहमति जाए।
बेदी ने कहा, "फिरोज शाह कोटला का नाम जल्दबाजी में अवांछनीय तौर पर स्वर्गीय अरुण जेटली के ऊपर रखे बाद मेरी प्रतिक्रिया थी कि तब शायद किसी भी तरह से कोटला को पवित्र रखने के लिए अच्छी भावना पैदा हो सकती है। मैं कितना गलत था। अब मैं स्वर्गीय अरुण जेटली की मूर्ति को कोटला में स्थापित करते हुए देख रहा हूं। मैं कोटला में आने वाली अरुण जेटली की प्रतिमा के विचार से बिल्कुल भी प्रभावित नहीं हूं। "
बेदी ने अपने पत्र में कहा, "अध्यक्ष महोदय, मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि मेरे नाम को तत्काल प्रभाव के साथ स्टैंड से हटा दिया जाए। इसके अलावा, मैं अपनी डीडीसीए सदस्यता का त्याग करता हूं। मैंने यह निर्णय पर्याप्त विचार-विमर्श के साथ लिया है। उस सम्मान की अवहेलना नहीं कर रहा हूं, जो मुझे दिया गया था। "
बता दें कि दिवंगत केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली की छह फुट ऊंची प्रतिमा फिरोजशाह कोटला मैदान में स्थापित की जानी है और इसका अनावरण 28 दिसंबर को उनकी 68 वीं जयंती पर किया जाएगा, जो संभवत: गृह मंत्री अमित शाह द्वारा व्यक्तिगत रूप से किया जाएगा।
जेटली दिल्ली और जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) के अध्यक्ष थे, 14 साल से 1999 से 2013 तक वे रहे। इसके बाद वह 2014 के आम चुनावों के कारण क्रिकेट प्रशासन से बाहर हो गए थे, जो उस समय आ रहे थे। वर्तमान में, डीडीसीए का नेतृत्व 31 वर्षीय उनके बेटे रोहन करते हैं, जिन्हें 17 अक्टूबर को निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया था।