नई दिल्ली, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। स्टिंग ऑपरेशन में भारतीय हॉकी संघ (आईएचएफ) के महासचिव को एक खिलाड़ी को राष्ट्रीय टीम में शामिल करने के लिए पैसे लेते हुए दिखाए जाने के बाद देश का खेल अमला हरकत में आ गया है।
एक ओर जहां खेल राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एम.एस. गिल ने आईएचएफ के खिलाफ कार्रवाई करने की घोषणा की है वहीं दूसरी ओर भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने भी इसकी घोर निंदा करते हुए मामले पर विचार के लिए आपात बैठक बुलाई है।
इससे पहले समाचार चैनल आजतक पर सोमवार को प्रसारित एक स्टिंग ऑपरेशन में दिखाया गया था कि आईएचएफ के महासचिव के.ज्योतिकुमारन एक अनाम खिलाड़ी को मलेशिया में अगले माह होने वाली सुल्तान अजलान शाह प्रतियोगिता के लिए टीम में शामिल करने के लिए पैसे ले रहे हैं।
चैनल पर दिखाया गया कि राजधानी के एक पांच सितारा होटल में कैसे ज्योतिकुमारन ने कुछ लोगों से दो लाख रुपये की रकम स्वीकार की और उनके आदमी को तीन लाख रुपये और देने को कहा। चैनल ने दावा किया है कि यह रकम उन्हें 10 और 11 अप्रैल को दो किश्तों में दी गई।
गौरतलब है कि आईएचएफ के प्रमुख केपीएस गिल ने इस पर कोई टिप्पणी करने से इंकार करते हुए कहा कि वह दो-तीन दिनों में प्रेस कांफ्रेंस आयोजित करेंगे।
यह स्टिंग आपरेशन भारतीय हॉकी टीम के ओलंपिक में क्वोलीफाई न कर पाने के केवल एक महीने बाद आया है। पिछले 80 सालों में ऐसा पहली बार हुआ था जब भारतीय हाकी टीम ओलंपिक के लिए क्वोलीफाई नहीं कर पाई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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