इंग्लैंड में जून से शुरू हुई चैंपियंस ट्रॉफी में भारत के गब्बर कहे जाने वाले शिखर धवन शानादर फॉर्म में है। दरअसल चैपियंस ट्रॉफी से पहले टीम सिलेक्टर्स ने धवन को लेकर काफी माथा पच्ची की थी। लेकिन जब धवन की टीम में सिलेक्ट किया गया तो उन्होंने भी चयनकर्ताओं के मुंह पर अपनी फॉर्म दिखाकर ताला लगा दिया।
विश्व रिकॉर्ड के साथ जारी है धवन का जलवा
2013 में चैंपियंस ट्रॉफी विजेता रही भारतीय टीम के लिए धवन ने शानदार खेल दिखाया था। धवन को इसके लिए मैन ऑफ द टूर्नामेंट भी चुना गया था। धवन ने मौजूदा चैंपियंस ट्रॉफी में अपनी पिछली फॉर्म को बरकरार रखते हुए मौजूदा चैंपियंस ट्रॉफी में अभी तक शानदार बल्लेबाजी की है। धवन ने तीनों लगी मैच में एक शतक व दो अर्धशतक लगाए हैं। धवन ने अब तक टूर्नामेंट में 90.33 के औसत से 271 रन बनाए हैं। इसी के साथ धवन ने अपने नाम एक विश्व रिकॉर्ड भी बनाया है। धवन चैंपियंस ट्रॉफी में सबसे तेज 1000 रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं।
कोच ने दी धवन को सलाह
धवन की मौजूदा फॉर्म हर तरफ चर्चा का विषय बनी हुई है। इसी को लेकर धवन के बचपन के कोच तारक सिंह ने बड़ा खुलासा किया है। कोच ने कहा कि उन्होंने अपने स्टूडेंट की अग्रेसिव स्टाइल को कभी भी बदलने के लिए नहीं कहा। कोच ने बताया कि धवन को जितने घटे नेट प्रक्टिस करनी होती थी वे करते ते। उन्हें कभी इस बारे में सलाह नहीं दी गई उन्हें कितने घंटे नेट पर प्रक्टिस करनी चाहिए।
महीनों क्रिकेट से दूर रहे धवन
बुधवार (14 जून) को नई दिल्ली से बोलते हुए, सिंह ने कहा, "भारतीय टीम से बाहर होने के बाद शिखर धवन मेरे पास आया। वह असहाय और उदास लग रहा था। उसने मुझसे पूछा कि अब क्या करना है? उनकी बल्लेबाजी में क्या समस्या रही है? जवाब में मैंने उन्हें कम से कम कुछ महीने तक क्रिकेट से दूर रहने की सलाह दी थी।"
मांसिक रूप से थक चुके थे धवन
कोच ने बताया कि शिखर ने खुद को मांसिक रूप से शांत करने के लिए योगा और मेडिटेशन करना शुरू कर दिया था। हालांकि जब शिखर मेरे पास आया था तो मैंने उसे योगा और मेडिटेशन से भी दो सप्ताह के लिए दूर रहने को कहा था। दरअसल शिखर लगातार क्रिकेट खेलने के बाद मांसिक रूप से थक गया था। और उसे आराम की सख्त जरूरत थी। गौरतलब है कि कोच की सलाह के बाद धवन अपनी पत्नी के साथ मेलबर्न ऑस्ट्रेलिया चले गए थे।