भोपाल, 10 जून (आईएएनएस)। हाकी की 'नर्सरी' भोपाल से मंगलवार को एक नए अभियान की शुरुआत हुई। यह वह अभियान है जिसके जरिए भारत एक बार फिर हाकी का सिरमौर बनना चाहता है। इस मौके पर जुटे हाकी के प्रसिद्ध पूर्व खिलाडियों ने उम्र के बोझ को दरकिनार कर हाकी की नई कहानी लिखने का आगाज कर दिया है।
मध्यप्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्रालय ने तात्या टोपे स्टेडियम में पूर्व ओलंपिक खिलाडियों और पूर्व अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों के बीच मैच का आयोजन किया। इस हाकी मैच में जिन खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया, वे भारतीय हॉकी की किसी दौर में पहचान रहे हैं।
इस मैच में अंतर्राष्ट्रीय और ओलंपिक मैचों के पूर्व खिलाड़ियों की एक टीम बनाई गई थी। इस मुकाबले में अजीत पाल, अशोक कुमार, गोविंदा, माइकल किंडो, असलम शेर खान, महबूब खान, इनामुर रहमान, मरबिन फर्नांडिस, जफर इकबाल, मोहम्मद शाहिद, धनराज पिल्लई, परगट सिंह, नेगी, अब्दुल अजीज, चार्लिस कर्नेलियस, सईद अली, दिलीप तिर्की, संजीव विष्ठ, हरेन्द्रर सिंह, मुकुल, सुबोध खांडेकर, शिवेन्द्र जैसे खिलाड़ियों ने अपनी चपलता और कौशल से हर किसी का दिल जीत लिया। इतना ही नहीं खिलाड़ियों ने कलात्मक खेल का प्रदर्शन कर गुजरे जमाने की भारतीय हाकी की याद ताजा करा दी।
इस प्रदर्शनी मैच में जीत तो पूर्व अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों की टीम 'एम. पी. इलेवन' की हुई, लेकिन यह उम्र पर जोश की जीत थी। जफर इकबाल, असलम शेर खान, अशोक कुमार जैसे खिलाड़ियों ने खेल के जरिए साबित कर दिया कि उम्र उनके लिए कोई मायने नहीं रखती है। हर तरफ दुनिया जीतने का नारा ही जोर मार रहा था।
गीत-संगीत और रोमांच से भरे इस आयोजन में हाकी को नई दिशा देने के अभियान की शुरुआत कर दी है। खिलाड़ी से लेकर वहां पर मौजूद हर व्यक्ति की दिली ख्वाहिश यही दिखी कि भारत फिर हाकी का सिरमौर बन जाए। इस मौके पर प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, खेल मंत्री तुकोजीराव पवार सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।