भारत ने कानपुर टेस्ट में श्रीलंका के ख़िलाफ़ अपनी स्थिति मज़बूत कर ली है.
दूसरे दिन भारत ने पहली पारी में 642 रन बनाए जिसके जवाब में खेल ख़त्म होने तक श्रीलंका ने एक विकेट पर 66 रन बनाए थे.
ज़हीर ख़ान ने पहले ही ओवर में तिलकरत्ने दिलशान को कैच आउट करा दिया. हालांकि उसके बाद भारतीय गेंदबाज़ों को कोई सफलता नहीं मिली.
स्टंप तक परनविताना और कुमार संगकारा दोनों 30-30 रन बनाकर खेल रहे थे.
इससे पहले भारतीय शीर्ष क्रम के तीनों बल्लेबाज़ों ने शतक लगाए.
वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर के बाद राहुल द्रविड़ ने अपना शतक पूरा किया. 144 के निजी स्कोर पर दुर्भाग्यशाली तरीके से वो रन आउट हो गए.
द्रविड़ के अलावा युवराज सिंह ने 67 और वीवीएस लक्ष्मण ने 63 रनों का योगदान किया. दूसरे दिन भारत को पहला झटका सचिन के रुप में लगा जो 40 रन बनाकर अजंता मेंडिस के शिकार बने.
हालांकि निचले क्रम ने थोड़ा निराश किया. एक समय भारत का स्कोर पांच विकेट पर 613 रन था लेकिन बाकी पाँच बल्लेबाज़ सिर्फ 29 रन जोड़ सके.
इससे पूर्व कल के नाबाद बल्लेबाज द्रविड़ और तेंदुलकर ने तीसरे विकेट के लिए 47 रन और जोड़कर 94 रन की साझेदारी की. द्रविड़ ने इस बीच करियर का 28वां शतक लगाया.
हालांकि सचिन जब 30 रन के निजी स्कोर पर थे तो दिलशान ने मेंडिस की गेंद पर उनका आसान सा कैच छोड़ दिया. इसके बाद सचिन ने मेंडिस के अगले ही ओवर में एक छक्का जड़ने के बाद दूसरा बड़ा शाट खेलना चाहा लेकिन वह इसमें कामयाब नहीं हो सके और थिलन समरवीरा को कैच थमा बैठे.
इसके बाद द्रविड़ का आउट होना बहुत ही दुर्भाग्यशाली रहा. हेराथ अपनी ही गेंद पर लक्ष्मण का रिटर्न कैच नहीं लपक सके लेकिन गेंद उनकी हथेली से छूटकर विकेट पर जा लगी और द्रविड़ उस समय क्रीज से बाहर थे.