नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित की गई प्रशासकों की समिति (सीओए) ने अपनी पांचवी सालाना रिपोर्ट पेश की है। इस रिपोर्ट में सीओए ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। बुधवार को सीओए ने बीसीसीआई के वरिष्ठ अधिकारियों का पूरा खर्चा सार्वजनिक कर दिया है। जिसके बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के कार्यवाहक सचिव अमिताभ चौधरी और कोषाध्यक्ष अनिरुद्ध चौधरी की ओर से वित्त वर्ष 2015-16, 2016-17 और इस साल अप्रैल से जून तक किए गए खर्चो ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रशासकों की समिति की एक रिपोर्ट से यह खुलासा हुआ है कि वित्त वर्ष और अप्रैल के बाद तीन माह में अमिताभ और अनिरुद्ध ने बोर्ड के कोष से क्रमश: 1.56 करोड़ और 1.71 करोड़ रुपये खर्च किए। इसमें चौंकाने वाली बात ये है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा पद से हटाए गए पूर्व सचिव अजय शिर्के ने अन्य अधिकारियों के उलट बीसीसीआई से एक भी पैसा नहीं लिया था।
प्रशासकों की समिति द्वारा अदालत में प्रस्तुत अपनी पांचवीं रिपोर्ट में बोर्ड के प्रमुख अधिकारियों द्वारा किए गए खर्चे का विवरण दिया है, जिसमें हवाई यात्रा, यात्रा एवं दैनिक भत्ता, विदेशी मुद्रा भत्ता और अन्य खर्चे शामिल हैं। कार्यवाहक सचिव अमिताभ ने बीसीसीआई से हवाई यात्राओं के लिए 65.04 लाख रुपये और टीए/डीए भत्ते के लिए 42.25 लाख रुपये लिए हैं। इसके अलावा, उन्होंने विदेशी मुद्रा भत्ता तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बीसीसीआई के प्रतिनिधित्व के लिए 29.54 लाख रुपये भी लिए।
सीओए ने न्यायालय के आदेशों का जानबूझकर पालन नहीं करने को लेकर बुधवार को बोर्ड के कार्यकारी अध्यक्ष सीके खन्ना, अमिताभ चौधरी और अनिरुद्ध चौधरी को हटाने की मांग की है। सीओए ने 26 जुलाई को आयोजित विशेष आम बैठक में हिस्सा लेने को लेकर बोर्ड के सीईओ राहुल जौहरी और कानूनी टीम को भी लताड़ लगाई है।