एनाबेल के अनुसार वह अब ऐसे स्थानों पर घूमने के लिए जाएंगे जहां पर क्रिकेट नहीं खेला जाता है। उन्होने बताया कि एक बार हम आइसलैंड गये थे, वहां पर क्रिकेट नहीं खेला जाता है, फिर भी लोगों ने उन्हें वहां पर पहचान लिया। गौर हो कि सचिन की शादी एनाबेल मेहता की बेटी अंजलि से 1995 में हुई थी। सचिन के आखिरी टेस्ट के समय पूरा मेहता परिवार वानखेड़े स्टेडियम में मौजूद था। सिर्फ स्टेडियम में ही नहीं बल्कि पूरा देश सचिनमय हो गया था।
एनाबेल ने कहा कि सचिन ने क्रिकेट छोड़ने का जो फैसला किया, उससे हम खुश हैं। अब यह पूरी तरह से सचिन पर निर्भर करता है कि वह सन्यास के बाद अपना वक्त कैसे गुजारते हैं। क्रिकेट से पूर्णकालिक सन्यास लेने के बाद सचिन को भारत सरकार ने 'भारत रत्न' देने का ऐलान किया।
जिस पर सचिन के पूरे परिवार ने खुशी जाहिर की।