नई दिल्ली। कोरोना वायरस के कारण खेल जगत पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है, लेकिन अब लाॅकडाउन 4 में खेल को फिर से शुरू करने की इजाजत मिल चुकी है। लेकिन एक शर्त पर कि खेल स्टेडियम में बिना दर्शकों के करवाए जाएंगे। इस बीच भारत के पूर्व क्रिकेटर राहुल द्रविड़ ने अपनी राय देते हुए कहा कि अगर खेल दोबारा शुरू होता है तो खिलाड़ियों में डर बना रहेगा।
द्रविड़ ने रविवार को कहा, ''खेल शुरू होने के बाद कुछ समय के लिए खिलाड़ियों के मन में संदेह या भय हो सकता है। मुझे यकीन है कि जब फिर से खेल शुरू होगा तो निश्चित तौर पर हिचकिचाहट होगी।''
राष्ट्रीय स्पोर्ट्स अकादमी के अध्यक्ष द्रविड़ ने कहा, ''व्यक्तिगत रूप से मुझे नहीं लगता कि यह बड़ी ज्यादा परेशानी होगी । मुझे नहीं लगता है कि एक बार शीर्ष खिलाड़ी जब मैदान पर उस चीज के लिए उतरेंगे जिससे वह प्यार करते है तो उन्हें परेशानी होगी।'' द्रविड़ ने फेसबुक लाइव पर 'स्टेइंग अहेड ऑफ कर्व - द पावर ऑफ ट्रस्ट' विषय पर चर्चा के दौरान कहा, ''बहुत से खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी चुनौती यह होगी कि जब वे दो या तीन महीनें तक नहीं खेलेंगे तो अपने शरीर पर विश्वास रखेंगे की नहीं।''
इस सत्र में उनके साथ ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता निशानेबाज अभिनव बिंद्रा और बैडमिंटन के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी प्रकाश पादुकोण भी मौजूद थे। द्रविड़ ने कहा कि शीर्ष स्पर्धाओं में प्रतिस्पर्धा करने से पहले खिलाड़ियों को फिटनेस हासिल करने के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ''फिर से मैच फिटनेस, खेल के लिए जरूरी फिटनेस के लिए थोड़ा समय चाहिए होगा। फिटनेस हासिल करने के बाद ही खिलाड़ी आत्मविश्वास से खुद पर भरोसा कर सकते हैं।''