नई दिल्ली, 10 मई (आईएएनएस)। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के निलंबित कमिश्नर ललित मोदी ने अपना जवाब देने से पहले ही अपनी चाल चल दी है। मोदी ने गेंद को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के पाले में फेंकते हुए उससे उन दस्तावेजों की मांग की है, जिनके आधार पर उनके ऊपर तमाम तरह के आरोप लगाए गए हैं।
मोदी के मुताबिक उन दस्तावेजों के माध्यम से वह अपना जवाब मजबूती से बोर्ड के सामने रखेंगे।
मोदी पर 26 अप्रैल को हुई गवर्निग काउंसिल की बैठक के दौरान कई आरोप लगाए गए थे। इसके लिए उन्हें 10 मई तक जवाब दाखिल करने का समय दिया गया था लेकिन मोदी ने बीसीसीसीआई से पांच दिनों की मोहलत मांगी। बीसीसीआई ने उन्हें 15 मई तक का समय दे दिया है।
इस बीच पता चला है कि मोदी ने रविवार को बोर्ड सचिव एन. श्रीनिवासन को एक ईमेल किया था, जिसके माध्यम से उन्होंने यह जानने की कोशिश की थी कि तीन मई को भेजे गए अन्य ईमेल के माध्यम से उन्होंने श्रीनिवासन से जिन दस्तावेजों की मांग की थी, वे अबतक उनके पास क्यों नहीं पहुंचे हैं।
मोदी के मुताबिक उन्हें उन दस्तावेजों की सख्त दरकार है, जिनके आधार पर उन पर तमाम आरोप लगाए गए हैं क्योंकि उन्हीं के माध्यम से वह अपना जवाब तैयार करना चाहते हैं।
मोदी ने अपने ईमेल में बोर्ड से कई सवालों के जवाब जानने चाहे हैं। उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कोच्चि फ्रेंचाइजी टीम के साथ हुए करार को लेकर अपनी बात बोर्ड के सामने रखी। मोदी के मुताबिक कोच्चि टीम के साथ करार बोर्ड अध्यक्ष की संस्तुति के बाद ही हुआ है। इसके अलावा उन्होंने कई अन्य मुद्दों को लेकर अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज किया।
मोदी ने अपने ईमेल में लिखा है कि बोर्ड को उनके द्वारा मांगे गए दस्तावेजों को जल्द से जल्द मुहैया कराना चाहिए या फिर यह स्वीकार कर लेना चाहिए कि 27 अप्रैल और सात मई को ईमेल के जरिए भेजे गए कुछ दस्तावेजों के अलावा किसी अन्य दस्तावेज का उनके खिलाफ उपयोग में नहीं लाया जाएगा।
आईएएनएस के हाथ लगा श्रीनिवासन को भेजा गया मोदी का वह ईमेल कुछ इस प्रकार है, "मैंने तीन मई को भी आपको ईमेल भेजा था। उसके माध्यम से मैंने कुछ दस्तावेजों की मांग की थी। उन दस्तावेजों के माध्यम से मैं अपना जवाब तैयार करना चाहता हूं और मुझे ऐसा करने का पूरा अधिकार है। मुझे इसका पूरा मौका मिलना चाहिए। इसलिए मैं एक बार फिर आपसे उन दस्तावेजों की मांग कर रहा हूं, जिनके माध्यम से आपने मेरे ऊपर आरोप तय किए हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।