Salim Durani Passes Away: आईपीएल के 16वें सीजन के बीच क्रिकेट जगत से एक बुरी खबर सामने आई है। पूर्व भारतीय ऑलराउंडर सलीम दुर्रानी (Salim Durrani) का निधन हो गया है। लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे दुर्रानी ने 88 साल की उम्र में अंतिम सांस ली, कभी फैंस की मांग पर बॉल को बाउंड्री के बाहर का रास्ता दिखाने वाले किक्रेटर ने आज दुनिया को अलविदा कह दिया है, बेशक दुर्रानी ने भारत के लिए सिर्फ टेस्ट क्रिकेट ही खेले थे, लेकिन उनकी गिनती हमेशा दिग्गज खिलाड़ियों में की गई।
अफगानिस्तान के काबुल शहर में हुआ था दुर्रानी का जन्म
अफगानिस्तान के काबुल शहर में 1934 में जन्मे पूर्व क्रिकेटर सलीम दुर्रानी का लंबी बीमारी के बाद रविवार सुबह अपने जामनगर स्थित घर में निधन हो गया। इसकी पुष्टि पारिवारिक सूत्रों ने की। उन्होंने साल 1960 में इंडिया के लिए टेस्ट मैच खेलने के लिए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया था। बाए हाथ के इस स्लो बॉलर ने भारत के लिए कुल 29 टेस्ट खेले और 75 विकेट लिए। उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट 1973 में इंग्लैंड के खिलाफ खेला था।
अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित थे सलीम दुर्रानी
अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित सलीम दुर्रानी ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 104 के सबसे बड़े स्कोर के साथ कुल 1202 रन बनाए। टेस्ट में उन्होंने 1 शतक और 7 अर्धशतक अपने नाम किए थे। टेस्ट मैच के खिलाड़ियों में दुर्रानी के नाम की चर्चा उस वक्त सबसे अधिक होने लगी थी, जब उन्होंने भारत को 1971 में वेस्टइंडीज में पहली टेस्ट जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। इसके अलावा 1961-62 में इंग्लैंड के खिलाफ भारत की सीरीज जीत में शानदान प्रदर्शन करते हुए कोलकाता और चेन्नई टेस्ट में आठ और दस विकेट लेकर भारत को 2-0 से सीरीज जीत दिलाई थी।
साल 1953 में की थी घरेली क्रिकेट की शुरुआत
स्टार क्रिकेटर दुर्रानी ने अपने घरेलू क्रिकेट करियर की शुरुआत 1953 में की। सबसे पहले उन्होंने सौराष्ट्र की टीम के लिए क्रिकेट खेला, इसके बाद 1954 से 1956 तक गुजरात के लिए और 1956 से 1978 तक राजस्थान के लिए खेलते नजर आए। उन्होंने अपने करियर में सिर्फ एक शतक बनाया, हालांकि देश के लिए खेली गई 50 पारियों में सात अर्द्धशतक लगाए।
जब क्रिकेट प्रेमियों ने कहा- 'नो दुरानी, नो टेस्ट!'
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक बार जब कानपुर में एक मैच के लिए दुर्रानी को टीम से बाहर रखा गया था तो फैंस को यह बात बिलकुल भी पसंद नहीं आई, और उन्होंने जमकर अपना गुस्सा व्यक्त किया था। क्रिकेट प्रेमी इस मैच में बैनर और प्लेकार्ड ले गए थे जिन पर लिखा था, 'नो दुरानी, नो टेस्ट!' घरेलू क्रिकेट में दुरानी ने ढाई दशक के करियर के दौरान गुजरात, राजस्थान और सौराष्ट्र का प्रतिनिधित्व किया।
फिल्म चरित्र में अभिनय कर चुके हैं दुर्रानी
दुर्रानी ने क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद फिल्म जगत में भी हाथ आजमाया था। वह अपनी बेहतरीन ड्रेसिंग शैली और स्वैगर के लिए जाने जाते हैं, एक बात जो शायद उनके कुछ फैंस को न पता हो वो यह है कि उन्होंने 1973 में फिल्म चरित्र में प्रसिद्ध अभिनेता प्रवीण बाबी के साथ अभिनय करते हुए बॉलीवुड में भी अपने हुनर का जबरदस्त परिचय दिया था। सलीम दुर्रानी अपने छोटे भाई जहांगीर दुरानी के साथ गुजरात के जामनगर में रह रहे थे। इस साल जनवरी में गिरने के कारण जांघ की हड्डी टूट जाने के बाद दुरानी की सर्जरी हुई थी। इसके बाद से ही उनकी तबीयत खराब होने लगी थी।