समाचार पत्र 'सिडनी मार्निग हेराल्ड' के मुताबिक खुद आस्ट्रेलियाई राष्ट्रमंडल खेल संघ के अध्यक्ष पैरी क्रासव्हाइट ने इस बात की पुष्टि की है।
पैरी ने कहा कि आस्ट्रेलिया दल को दिल्ली भेजने के लिए 70 लाख डॉलर की जरूरत है लेकिन उसका 35 फीसदी हिस्सा ही कारपोरेट सहयोग के माध्यम से हासिल किया जा सका है।
पैरी ने कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों के लिए उनके पास छह महीने का समय रह गया है और इस दौरान उन्होंने अपने अधिकारियों से बड़े पैमाने पर प्रायोजक तलाशने के काम में तेजी दिखाने को कहा है।
पैरी के मुताबिक अल कायदा के एक सहयोगी संगठन द्वारा भारत में होने वाले खेल आयोजनों के दौरान विदेशी खिलाड़ियों को निशाने पर लेने की धमकी के बाद यह स्थिति पैदा हुई है। इस धमकी के कारण कई प्रायोजक पीछे हट गए हैं जबकि नए प्रायोजक आगे आने से घबरा रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।