दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा है कि इस मामले में सुरेश कलमाड़ी की अध्यक्षता में काम कर रही आयोजन समिति शक के दायरे में है. शीला दीक्षित ने अपनी प्रतिक्रिया में ये भी कहा कि केंद्र सरकार ने आयोजन समिति को 16 हज़ार करोड़ रुपए का कर्ज़ दिया था. दूसरी ओर सुरेश कलमाड़ी का कहना था कि आयोजन समिति का काम उदघाटन और समापन समारोह और खेल का आयोजन था जिसकी वाहवाही हर ओर हुई है. कलमाड़ी का कहना था कि वो उम्मीद करते हैं कि जाँच समिति इस मामले के सभी पहलुओं पर नज़र डालेगी.
ख़बरों के अनुसार राष्ट्रमंडल खेलों पर लगभग 70 हज़ार करोड़ रुपए के आसपास खर्च हुए. इसमें वो राशि भी शामिल है जो दिल्ली में हुए निर्माण कार्यों पर खर्च की गई. दिल्ली में हुए हुए कार्यों में जाहिर है राज्य सरकार का दखल था. उल्लेखनीय है कि इसके पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भारत के पूर्व नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (सीएजी) वीके शुंगलू की अध्यक्षता में राष्ट्रमंडल खेलों की जांच के लिए एक समिति गठित कर दी है. ये समिति तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रधानमंत्री को सौंपेगी.