इंग्लैंड के दिग्गज खिलाड़ी ने बताया T20 में क्यों सुपरपावर है भारत, मांकडिंग पर भी दिया जवाब
नई दिल्ली। इंग्लैंड के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज और स्पोर्ट शो की दुनिया में सबसे मशहूर होस्ट एवं कॉमेंटेटर डेविड गॉवर ने न सिर्फ अपनी बल्लेबाजी से बल्कि अपनी दिलकश आवाज से लाखों लोगों को अपना फैन बनाया है। कॉमेंट्री बॉक्स में उनकी लोगों को उनकी आवाज इस कदर भाती है कि लोग उन्हें ज्यादा से ज्यादा सुनना पसंद करते हैं। अपने करियर में इंग्लैंड के लिये 15 सालों तक क्रिकेट खेलने वाले डेविड गॉवर कॉमेंट्री में भी लगभग 20 साल दे चुके हैं और इस दौरान उनका करियर बेहद शानदार रहा है।
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अपने करियर में इंग्लैंड के लिये 117 टेस्ट मैच खेलने वाले डेविड गॉवर ने हाल ही में अपने कॉमेंट्री करियर को भी अलविदा कहा और इस दौरान ग्लोफेंस के शो क्यू20 में शिरकत की जहां पर उन्होंने खेल जगत से जुड़े कई मुद्दों पर अपनी राय रखी। इस दौरान उन्होंने कहा कि मेरा ब्रॉडकास्टिंग करियर बीबीसी से शुरू हुआ था और इसके बाद मेरा स्काई के साथ 20 साल का सफर 1999 विश्व कप से शुरू हुआ। यह काफी अच्छा था।
इस शो के दौरान गॉवर ने बताया कि आखिरकार टी20 प्रारूप में भारत को सुपरपावर क्यों कहा जाता है साथ ही क्रिकेट में मांकडिंग कितनी सही या कितनी गलत इस मुद्दे पर भी राय रखी।
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इस वजह से भारत को कहा जाता है टी-20 का सुपर पावर
इस शो के दौरान डेविड गॉवर ने टी20 क्रिकेट पर अपनी राय रखी और बताया कि कैसे भारतीय क्रिकेट टीम इस प्रारूप में बतौर सुपरपॉवर बनकर उभरा है।
इस बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, ' मैं एक बात कहूंगा कि एक पूर्व खिलाड़ी होने के नाते जब आप कमेंट्री करने जाते हो तो आप उसे ठीक वैसे ही पसंद करते हो जैसे आप मैदान पर करते थे। आप उसके साथ जुड़े रहते हो, आप उन लोगों के साथ रहते हो जो आपके दोस्त हैं। उदाहरण के तौर पर स्काई के कॉमेंट्री बॉक्स में आप जानते हो कि आप के साथ माइक होल्डिंग जैसा शख्स होगा, जैसे क्रिकेट में आप जानते हो कि पहले एक घंटे आपके साथ कौन होगा। इसलिए यह खेल से जुड़े रहने का एक तरीका है। एक समय हुआ करता था कि पूरी दुनिया के क्रिकेटर काउंटी खेलने के लिए इंग्लैंड जाया करते थे। हालांकि अब समय बदल गया है और भारत को टी-20 का सुपर पावर कहा जाने लगा है, क्योंकि दुनिया भर के खिलाड़ी हर साल आईपीएल खेलने भारत जाना चाहते हैं और जाते भी हैं।'

मांकड़िंग कितना सही कितना गलत
दुनिया भर के खिलाड़ियों के लिये आईपीएल एक ऐसा टूर्नामेंट बन चुका है जिसमें वो हर साल कुछ यादें और कहानियां बटोर कर अपने साथ ले जाते हैं। आईपीएल 2019 को इस टूर्नामेंट के इतिहास का सबसे विवादित साल माना जाता है क्योंकि इस साल सबसे ज्यादा कॉन्ट्रोवर्सीज देखने को मिली थी। इन्ही में से एक विवाद था आर अश्विन की ओर से जोस बटलर को मांकड़िंग रन आउट करने का जिसके बाद राजस्थान रॉयल्स की टीम जो आसानी से मैच को जीतती नजर आ रही थी हार गई। इसके बाद क्रिकेट जगत में एक बहस छिड़ गई थी कि क्या मांकड़िंग होनी चाहिये या नहीं।
इस पर बात करते हुए डेविड गॉवर ने कहा,' मेरे हिसाब से किसी भी खिलाड़ी को मांकड़िंग करने से पहले उसे एक चेतवानी देना सही रहेगा। पिछले साल जब यह हुआ तो मैं भारत में ही था और मैंने इसकी पूरी मीडिया कवरेज देखी थी। मैंने इसे काफी करीब से देखा क्योंकि लोग मुझसे मेरे विचार जानना चाह रहे थे। अब जब मैं फुटेज देखता हूं तो सोचता हूं कि बटलर आखिर पिच पर कितनी दूर तक गए थे और पाता हूं कि लगभग कहीं नहीं। अश्विन ने नॉन स्ट्राइकर छोर पर गिल्लियां उड़ा दी थीं और बटलर को आउट दिया गया था क्योंकि यह नियमों के खिलाफ नहीं था।'

पहले से मांकड़िंग के बारे में सोच रहे थे अश्विन
डेविड गॉवर ने आगे कहा कि उन्हें लगता है कि अश्विन पहले ही बटलर को मांकड़ करने का विचार कर चुके थे। हम सबने देखा कि मैच में आखिरकार क्या हुआ, ऐसे में मुझे लगता है कि बटलर को भांप लेना चाहिये था कि वह क्या सोच रहे हैं।
मांकड़िंग के दौरान गेंदबाज की जिम्मेदारी पर बात करते हुए गॉवर ने कहा,'मैं इस संबंध में एक सलाह सभी आयु के बच्चों को देना चाहूंगा, चाहे वो 15, 18, 20, 25, 35, 40 के हों। एक बार चेतावनी जरूर दीजिए क्योंकि ऐसा करना काफी अच्छा रहेगा। इससे आपको मौका मिलेगा आगे इसे जारी रखने का, अगर जरूरत पड़ी तो, लेकिन चेतावनी जरूर दीजिए। यह मेरी सलाह है।'
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