धोनी के साथ ही खेल जगत से इस सूची में टेनिस खिलाड़ी किम क्लाइस्टर्स से लेकर फ़ुटबॉल खिलाड़ी लियोनेल मेसी को भी शामिल किया गया है. भारत से शामिल अन्य नाम उद्योगपति मुकेश अंबानी और अज़ीम प्रेमजी और सामाजिक कार्यकर्ता अरुणा रॉय के हैं. धोनी के बारे में लेखक चेतन भगत की टिप्पणी शामिल की गई है, जहाँ चेतन कहते हैं, "अप्रैल में जब भारत ने 28 साल बाद क्रिकेट विश्व कप जीता तो ऐसा लगा कि सवा अरब जनता सड़क पर पार्टी मनाने उतर आई हो."
उनके अनुसार, "धोनी की प्रतिभा के साथ ही उनकी पृष्ठभूमि भी आश्चर्यजनक है. एक छोटे शहर से आने वाले धोनी ने भारत को दिखा दिया है कि आप सिर्फ़ एक चीज़- 'सबसे बेहतरीन' होकर सफल बन सकते हैं."
अंबानी
अज़ीम प्रेमजी का नाम भी टाइम की इस सूची में शामिल है. मुकेश अंबानी के बारे में लेखक सुकेतु मेहता की टिप्पणी है कि कैसे उनकी ज़िंदग़ी एक बॉलीवुड फ़िल्म की तरह की है जहाँ वह दो बेडरूम के घर से निकलकर 27 मंज़िला घर तक जा पहुँचे हैं.
अज़ीम प्रेमजी के बारे में टाइम पत्रिका ने बिल गेट्स का लेख लिया है. प्रेमजी के बारे में गेट्स लिखते हैं, "अगर कोई व्यक्ति भारत के आर्थिक बदलाव का प्रतीक बनता है तो वो अज़ीम प्रेमजी होंगे."
वह भारत में सूचना-प्रौद्योगिकी आउटसोर्सिंग उद्योग के प्रणेता हैं और उन्होंने तकनीकी रूप से पेशेवर लोगों की एक पूरी पीढ़ी तैयार कर दी है और वे ही भारत का लगातार बढ़ता मध्यम वर्ग बन रहे हैं.
अन्य
इस सूची में सूचना के अधिकार से जुड़ी कार्यकर्ता अरुणा रॉय को भी शामिल किया गया है. उनके बारे में टाइम पत्रिका लिखता है कि उन्होंने भारत की भ्रष्ट नौकरशाही में पारदर्शिता लाने के लिए एक लंबा अभियान चलाया. उनकी एक उपलब्धि 2005 का सूचना का अधिकार है जिससे देश के ग़रीब लोगों को अपने अधिकार के लिए लड़ने का एक हथियार मिला है.
इस सूची में ब्रितानी प्रधानमंत्री डेविड कैमरन, फ़्रांसीसी राष्ट्रपति निकोला सार्कोज़ी, जर्मन चांसलर एंगेला मर्केल और ब्राज़ीलियाई राष्ट्रपति दिलमा रूसेफ जैसे नेता भी शामिल हैं.