सबसे अहम बात यह है कि जीव ने यह खिताब ऐसे वक्त में हासिल किया है, जब उन्हें अपनी पहली संतान के गुजर जाने का गम घेरे हुए था। पिछले हफ्ते जीव की पहली संतान इस दुनिया में आने से पहले ही भगवान को प्यारी हो गई थी।
इस सत्र में जापान टूर के तहत चौथा टूर्नामेंट खेल रहे जीव ने कुल 12-अंडर 268 स्कोर के साथ खिताब पर कब्जा किया। ्रउन्होंने चार दौर में 64-70-68-66 स्कोर हासिल किया था।
जीव ने यह खिताब 2006 में भी जीता था लेकिन 2007 में वे यहां तीसरे स्थान पर रहे थे। जीव ने जीत के बाद कहा, "दो बार खिताब जीतने के कारण यह मेरा पसंदीदा टूर्नामेंट बन गया है। मेरे लिए यहां खेल पर ध्यान लगाए रखना बेहद कठिन था क्योंकि मेरा ध्यान कहीं और था। इस लिहाज से मेरी यह सफलता काफी मायने रखती है।"
खिताबी जीत के बाद अब जीव वोल्वो मास्टर्स ऑफ एशिया में अपनी किस्मत आजमाएंगे। यह एशियाई टूर का अंतिम टूर्नामेंट है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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