नई दिल्ली। आईसीसी की ओर से 18 जून को खेले जाने वाले विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल मैच से पहले इंग्लैंड और न्यूजीलैंड की टीम के बीच खेली जाने वाली 2 मैचों की टेस्ट सीरीज का आगाज हो चुका है। दोनों टीमों के बीच पहला मैच लॉर्डस के मैदान पर खेला जा रहा है, जहां पर कीवी टीम के कप्तान केन विलियमसन ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल से पहले खेली जा रही यह सीरीज कीवी टीम के लिये काफी अहम क्योंकि वह इस सीरीज के दौरान अपनी गेंदबाजी और बल्लेबाजी को परख कर भारत के खिलाफ चैम्पियनशिप के फाइनल मैच में बेहतर स्थिति के साथ उतर सकती है।
लॉर्डस के मैदान पर खेले जा रहे इस मैच में दोनों टीमों ने अपने युवा खिलाड़ियों को मौका देने का काम किया और जहां कीवी टीम के लिये डेवॉन कॉन्वे ने डेब्यू किया तो वहीं पर इंग्लैंड के लिये ऑली रॉबिन्सन और विकेटकीपर बल्लेबाज जेम्स ब्रेसी ने डेब्यू किया। डेवॉन कॉन्वे ने न्यूजीलैंड के लिये नवंबर 2020 में अपना अंतर्राष्ट्रीय डेब्यू करते हुए सीमित ओवर प्रारूप का पहला मैच खेला था।
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कॉन्वे ने पिछले कुछ सालों में घरेलू स्तर पर काफी रन बनाने का काम किया है और इसी के फलस्वरूप उन्हें टेस्ट प्रारूप में भी मौका दिया गया है। वह कीवी टेस्ट टीम के लिये डेब्यू करने वाले 281वें खिलाड़ी बने। वह टॉम लैथम के साथ ओपनिंग करते नजर आयेंगे। वहीं इंग्लैंड के जेम्स ब्रेसी की बात करें तो उन्होंने पिछले 18 महीनों में सिर्फ बायोबबल में रहने का काम किया है और न सिर्फ विकेटकीपिंग से बल्कि बल्लेबाजी से भी काफी प्रभावित किया।
इस 24 वर्षीय खिलाड़ी ने साल 2019-20 में ऑस्ट्रेलिया के लॉयन्स दौरे के बाद से पीछे मुड़कर नहीं देखा है। हाल ही में खेले गये काउंटी चैम्पियनशिप के दौरान ब्रेसी ने 5 अर्धशतकीय पारियां खेलने का काम किया और इंग्लैंड उनकी इसी फॉर्म को इस सीरीज में भी जारी देखना चाहेगी। वहीं ऑली रॉबिन्सन तेज गेंदबाज हैं जो कि ग्लेन मैकग्रा से काफी प्रभावित हैं और उनकी गेंदबाजी में भी इसकी झलक नजर आती है।
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अपने 6 साल के घरेलू करियर में रॉबिन्सन ने ससेक्स, यॉर्कशॉयर और हैम्पशायर की ओर से खेलने का काम किया है, हालांकि उनकी गेंदबाजी में निखार तब आया जब वो ससेक्स के लिये खेले जहां पर उनको कोच जेसन गिलेप्सी का साथ मिला और वो काफी खतरनाक गेंदबाज बन गये हैं। इंग्लैंड की टीम उनकी घातक गेंदबाजी का इस्तेमाल कीवी टीम के खिलाफ भी चाहेगा।
इंग्लैंड की प्लेइंग 11: रोरी बर्न्स, डॉमिनिक सिब्ले, जैक क्राउली, जो रूट, डैनियल लॉरेंस, ओली पोप, जेम्स ब्रेसी, ओली रॉबिन्सन, स्टुअर्ट ब्रॉड, मार्क वुड, जेम्स एंडरसन।
न्यूजीलैंड प्लेइंग 11: टॉम लैथम, डेवॉन कॉन्वे, केन विलियमसन, रॉस टेलर, हेनरी निकोल्स, बीजे वॉल्टिंग, कॉलिन डि ग्रैंडहोम, मिचेल सैंटनर, काइल जैमिसन, टिम साउथी, नील वैग्नर।