नई दिल्ली, 30 सितम्बर (आईएएनएस)। भारत की पुरुष हॉकी टीम के कोच हरेंद्र सिंह का कहना है कि टीम को एक महीने के यूरोप दौरे और पुणे में आयोजित व्यवस्थित प्रशिक्षण शिविर का फायदा तीन अक्टूबर से शुरू हो रहे राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान मिलेगा।
हरेंद्र ने गुरुवार को खेल गांव में आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा कि यूरोप दौरे में टीम शुरुआत में अच्छा नहीं खेल सकी लेकिन उसके बाद उसने सराहनीय प्रदर्शन किया। यूरोप दौरे की कमियों को पुणे कैम्प में दूर करने का प्रयास किया गया। इसका सीधा फायदा राष्ट्रमंडल खेलों में मिलेगा।
बकौल हरेंद्र, "विश्व कप की नाकामी के बाद हमने कई खिलाड़ियों को उनके वास्तविक स्थान पर खिलाने का फैसला किया। यूरोप दौरे में भी यह प्रयोग जारी रहा। तुषार को जहां फारवर्ड पंक्ति में लाया गया वहीं प्रबोध टिर्की को लेफ्ट हॉफ पोजीशन दी गई। सरवनजीत, रवि पाल और भरत चिकारा को मिडफील्ड की जिम्मेदारी दी गई। इससे अब हमारे खेल में काफी सुधार आया है।"
हरेंद्र मानते हैं कि ऐसे में जबकि राष्ट्रमंडल खेलों में विश्व की 10 में से छह शीर्ष वरीयता प्राप्त टीमें हिस्सा ले रही हैं, फिटनेस एक बड़ा मुद्दा बनकर सामने आया है। इसके लिए पुणे कैम्प में पूरा ध्यान दिया गया।
बकौल हरेंद्र, "पुणे में हमारा सबसे अधिक ध्यान फिटनेस पर रहा। हमने पूरी कोशिश की कि शिविर के दौरान हमारा कोई खिलाड़ी चोटिल न हो और इसके लिए मुख्य कोच जोस ब्रासा ने कई तरह के प्रयोग भी किए। हम जानते हैं कि हमारे कई युवा खिलाड़ियों को यूरोप दौरे से काफी अच्छा अंतर्राष्ट्रीय अनुभव मिला है, ऐसे में उनका फिट रहना टीम के लिए बेहद जरूरी है।"
हॉकी में प्रतिस्पर्धा के बारे में पूछे जाने पर कोच ने कहा कि आस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, पाकिस्तान, दक्षिण कोरिया और मलेशिया की टीमें काफी अच्छी हैं, ऐसे में उनकी टीम को सधी शुरुआत करते हुए खेल की निरंतरता बनाए रखनी होगी।
हरेंद्र ने कहा, "घरेलू दर्शकों के सामने इतने बड़े आयोजन में खेलना दबाव का कारण बन सकता है। हॉकी में जोरदार प्रतिस्पर्धा है क्योंकि यहां कई बड़ी टीमें खेल रही हैं। हम इसके लिए शारीरिक और मानसिक तौर पर तैयार हैं। हमने योग और जिम के माध्यम से अपने खिलाड़ियों को अंदर और बाहर की शक्ति और स्फूर्ति प्रदान करने की कोशिश की है।"
हॉकी स्पर्धा में भारत और उसके चिरप्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के अलावा आठ अन्य टीमें शिरकत कर रही हैं। भारत को पूल-ए में पाकिस्तान, मौजूगा विश्व चैम्पियन आस्ट्रेलिया, स्कॉटलैंड और मलेशिया के साथ रखा गया है।
पूल-बी में इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, कनाडा, दक्षिण अफ्रीका और त्रिनिदाद एवं टोबैगो की टीमें हैं। भारत को पाकिस्तान के साथ 10 अक्टूबर को अपना पूल मैच खेलना है। इस मैच के सभी टिकट एक महीने पहले ही बिक चुके हैं। यही नहीं, हॉकी के सभी मैचों के टिकट बिक चुके हैं।
भारत की पुरुष हॉकी टीम ने राष्ट्रमंडल खेलों में अब तक कोई पदक नहीं जीता है। पुरुष हॉकी को इन खेलों में 1998 में जगह मिली थी। हॉकी के मुकाबले मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में खेले जाएंगे। इसी स्टेडियम में मार्च में विश्व कप खेला गया था, जहां भारतीय टीम ने नौवां स्थान हासिल किया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।