
अनुराग ठाकुर ने मनाया कोहली को
अजय सिरके पिछले वर्ष टीम इंडिया के कोच के चयन की प्रक्रिया में अजय सिरके भी शामिल थे, उन्होंने बताया कि कुबंल के चयन के वक्त भी कोहली-कुंबले के बीच मतभेद की बात सामने आई थी। उस वक्त हमारे अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने इसमें पहल की और दोनों ही पक्षों के साथ विस्तार से बात की, इसके बाद फैसला लिया गया कि क्रिकेट कमेटी ने अनिल कुंबले का चयन किया है, ऐसे में वह ही बेहतर विकल्प हैं, हमें उन्ही के नाम के साथ आगे जाना चाहिए। इसीलिए कुंबले के कॉट्रैक्ट को एक वर्ष का रखा गया था ताकि अगले एक वर्ष में यह देखा जा सके कि यह अनुभव कैसा रहता है और भविष्य में भी विकल्प खुले रहे।

सचिन-गांगुली-लक्ष्मण ने चुना था कुंबले को
सिरके ने कहा कि कोहली का इस बारे में अपना मत था, लेकिन अनुराग ठाकुर ने इस मामले में अपनी भूमिका निभाते हुए कहा कि सीएसी की पसंद अनिल कुंबले हैं, ऐसे में हमें उनके सुझाव के साथ आगे बढ़ना चाहिए और कोहली को इसे स्वीकार करना चाहिए। आपको बता दें कि सीएसी में सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली, वीवीएस लक्ष्मण शामिल थे और इन लोगों ने रवि शास्त्री की जगह कुंबले के नाम को हरी झंडी दी थी। रवि शास्त्री ने टीम इंडिया के डायरेक्टर के पद पर अपनी दो साल की भूमिका निभाई थी।

कुंबले ने जताई थी कोच बनने की इच्छा
अनिल कुंबले टीम इंडिया के कोच के पद के लिए निर्धारित अर्हता को पूरा नहीं कर रहे थे, उनके पास अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कोचिंग का अनुभव नहीं था, इसीलिए उनके नाम को शुरुआत के 21 विकल्पों में शामिल नहीं किया गया था, लेकिन सीएसी के सुझाव पर उनके नाम को इस लिस्ट में शामिल किया गया। सिरके ने बताया कि कुंबले ने उन्हे कहा था कि वह कोच की जिम्मेदारी निभाना चाहते हैं। लेकिन यह कोच के चयन की प्रक्रिया के शुरु होने से पहले की घटना है।

कप्तान की राय को मानना बाध्यता नहीं
सिरके के अनुसार अनिल कुंबले ने उनसे कहा था कि उनके लिए क्रिकेट एक जुनून है और वह आगे भी इससे जीतते हुए देखना चाहते हैं, लिहाजा वह टीम इंडिया के कोच की भूमिका निभाना चाहेंगे। मैंने उनसे कहा था कि कोच का चयन किसी एक व्यक्ति की पसंद पर निर्भर नहीं होगा, इसके लिए एक प्रक्रिया है और उन्हें इस प्रक्रिया को अपनाना चाहिए। सिरके ने बीसीसीआई के उस फैसले का स्वागत किया है जिसमें चैंपियंस ट्रॉफी से पहले नए कोच के चयन की प्रक्रिया को शुरु किया गया है, क्योंकि कुंबले का कार्यकाल खत्म हो रहा है। सिरके ने कहा कि टीम इंडिया के कोच के चयन में बीसीसीआई की भूमिका होनी चाहिए, हालांकि कप्तान इसपर अपनी राय रख सकता है, लेकिन यह सिर्फ एक व्यक्ति की राय है, कप्तान का पद काफी अहम है लेकिन उसकी राय को कमेटी को मानने के लिए बाध्य नहीं होना चाहिए।


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