
6 साल बाद स्ट्रॉस ने तोड़ी चुप्पी
इस मुद्दे पर 6 साल बाद चुप्पी तोड़ते हुए एंड्रयू स्ट्रॉस ने कहा कि वह इस बात को अच्छी तरह से समझते हैं कि किसी खिलाड़ी के लिये इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में खेलना जरूरी क्यों है। हालांकि अगर वो टेस्ट क्रिकेट की बजाय आईपीएल में खेलने को प्राथमिकता देंगे तो इससे गलत उदाहरण पेश होगा।
स्ट्रॉस ने स्काई स्पोर्ट्स से कहा, ‘आईपीएल को लेकर केपी (पीटरसन) के साथ मेरी हमेशा सहानुभूति रही है। मुझे समझ में आ गया था कि आईपीएल में दुनिया भर के बड़े खिलाड़ी एक साथ खेलते हैं और वहां खिलाड़ियों को बड़ी रकम दी जाती है।'

एंड्रयू स्ट्रॉस ने आईपीएल के लिये तैयार की थी खास पॉलिसी
गौरतलब है कि एंड्रयू स्ट्रॉस जब इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड के निदेशन बने थे तो तो उन्होंने इंग्लैंड के खिलाड़ियों के लिए आईपीएल में भाग लेने के लिए एक खास कार्यक्रम तैयार किया था जिसकी पीटरसन ने सबसे लंबे समय तक वकालत की थी।
उन्होंने कहा, ‘मुझे काफी लंबे समय तक लगता था कि आईपीएल के लिए विंडो की जरूरत है। मैंने ईसीबी से कहा था कि हम एक दूसरे से प्रतिस्पर्धा नहीं कर सकते क्योंकि यह टीम के लिए बड़ी समस्या बन जाता।'

विवाद को लेकर भी बोले एंड्रयू स्ट्रॉस
वहीं एंड्रयू स्ट्रॉस ने केविन पीटरसन के साथ हुए विवाद को लेकर बताया कि कई बार समझाया कि टेस्ट क्रिकेट ज्यादा जरूरी है। स्ट्रॉस ने कहा कि मुझे लगता है कि टेस्ट क्रिकेट को छोड़ कर खिलाड़ी को आईपीएल में खेलने की छूट देना काफी खतरनाक है। इससे आप युवा खिलाड़ियों को यह सीख दे रहें है कि आईपीएल टेस्ट क्रिकेट से ज्यादा जरूरी है।
उन्होंने कहा, ‘मैं उस समय केपी से कह रहा था, 'सुनो, दोस्तों- यह स्थिति है। आप अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से बार बार टीम में आने और जाने का विकल्प नहीं चुन सकते। आपको इंग्लैंड के लिए मिले दायित्व को निभाना होगा और मैं उम्मीद करूंगा कि आपको ऐसे अंतराल मिले जहां आईपीएल भी खेल सकते है।'


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