
वापसी के लिये हार्दिक का गेंदबाजी करना जरूरी
न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए सरनदीप सिंह ने कहा,'चयनकर्ताओं ने टेस्ट क्रिकेट से हार्दिक पांड्या को दूर रखकर सही फैसला किया है और यह फैसला समझने लायक है। वह सर्जरी के बाद लगातार गेंदबाजी नहीं कर पा रहे हैं। मुझे लगता है कि उन्हें वनडे और टी20 क्रिकेट में नियमित जगह बनाने के लिये कम से कम एकदिवसीय क्रिकेट में 10 ओवर और सीमित ओवर्स में 4 ओवर्स की नियमित गेंदबाजी करनी होगी। वह सिर्फ एक बल्लेबाज के तौर पर नहीं खेल सकते।'

हार्दिक पांड्या की गेंदबाजी के बिना भारत के लिये मुश्किल
उल्लेखनीय है कि सितंबर 2019 में हार्दिक पांड्या को पीठ सर्जरी से गुजरना पड़ा था जिसके बाद हार्दिक पांड्या ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर वापसी की थी। इस दौरान वह आईपीएल 2020 में भी खेले थे लेकिन गेंदबाजी नहीं की थी। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर वापसी करने के बाद हार्दिक पांड्या कई बार गेंदबाजी करने की कोशिश की लेकिन वह अपने गेंदबाजी के रोल से न्याय नहीं कर सके।
सरनदीप सिंह ने हार्दिक पांड्या की गेंदबाजी को लेकर कहा कि उनके बॉलिंग न करने का असर पूरी टीम पर पड़ता है जैसा कि पिछले कुछ मैचों में देखना को मिला है जहां पर भारतीय टीम को छठे गेंदबाजी की गैरमौजूदगी में संघर्ष करना पड़ा है।

हार्दिक की कमी पूरी करते हैं जडेजा, सुंदर, ठाकुर
हालांकि सरनदीप सिंह का मानना है कि रविंद्र जडेजा की वापसी, वाशिंगटन सुंदर और शार्दुल ठाकुर के टीम में होने से हार्दिक पांड्या की कमी पूरी हो सकती है।
उन्होंने कहा,'अगर हार्दिक गेंदबाजी नहीं करते हैं तो यह टीम के संतुलन को बुरी तरह प्रभावित करता है। आपको एक अतिरिक्त गेंदबाज खिलाना पड़ता है जिसके चलते सूर्यकुमार यादव जैसे किसी खिलाड़ी को बाहर बैठना पड़ता है। हमने इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पहले भी देखा है कि हम सिर्फ 5 गेंदबाजी के विकल्प के साथ मैदान पर नहीं उतर सकते हैं। हालांकि वाशिंगटन सुंदर, अक्षर पटेल, शार्दुल ठाकुर और जड्डू की वापसी से उनकी कमी को भर दी गई है। यह सभी खिलाड़ी वो कर सकते हैं अगर हार्दिक गेंदबाजी नहीं कर पाते हैं।'


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