जामिया में मचे बवाल पर गौतम गंभीर का सवाल, कहा- लाठीचार्ज गलत पर पत्थरबाजी कैसे सही
नई दिल्ली। देश भर में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन के बीच दिल्ली की जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी के छात्रों पर हुए लाठी चार्ज को लेकर भारतीय टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज और वर्तमान में बीजेपी से सांसद गौतम गंभीर ने पुलिस की आलोचना की है। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि अगर दंगाई और हुडदंगी लोग हिंसा करेंगे तो पुलिस को मजबूरन जवाब देना ही होगा। पुलिस की ओर से संशोधित नागरिकता कानून (CAA) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्रों पर हुये लाठीचार्ज के बारे में जब गौतम गंभीर से पूछा गया तो उन्होंने इसे गलत बताया।
गौतम गंभीर ने कहा, 'प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज करना बिल्कुल गलत है लेकिन अगर यह कार्रवाई आत्मरक्षा के लिये हुई है तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है।'
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गौतम गंभीर ने प्रदर्शनकारियों के तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा,'अगर आप पत्थर फेंकोगे, पब्लिक प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाओगे, बसों में आग लगाओगे तो पुलिस कुछ ना कुछ जवाबी कार्रवाई करेगी ही, अगर आप शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे हो तो कोई समस्या नहीं है। आपके पास इसका अधिकार है।'
गौरतलब है कि रविवार को इस कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान जामिया में हिंसा हुई जिसमें छात्रों सहित कई प्रदर्शनकारी, पुलिसा कर्मचारी और स्थानीय लोगों के चोटिल होने की खबर आई है। इस दौरान दिल्ली परिवहन निगम की 4 बसों को आग के हवाले भी कर दिया गया। हिसंक भीड़ ने 10 से ज्यादा प्राइवेट गाड़ियों और 100 से ज्यादा मोटरसाइकिलों को भी आग लगाकर खाक कर दिया।
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गौतम गंभीर ने कहा, ' लगातार इस तरह की अफवाहें फैलाई जा रही हैं कि यह विधेयक मुस्लिमों के खिलाफ है। यह गलत है। यह विधेयक नागरिकता देने से जुड़ा है नागरिकता छीनने से नहीं। आप अपनी समस्याएं रखिए और इनका हल निकालना सरकार की जिम्मेदारी है और भविष्य में भी जिम्मेदारी रहेगी।'
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आपको बता दें कि प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई से नाराज हजारों छात्रों ने सोमवार को भी सड़क का रुख किया और जामिया मिलिया इस्लामिया के पुस्तकालय में आंसू गैस के इस्तेमाल और विश्वविद्यालय अधिकारियों की इजाजत के बिना कैंपस में घुसने को लेकर जांच की मांग की है।
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