
अनुभव की जगह नौसिखियों को मिली जगह, शंकर से ज्यादा रायडु थे हकदार
युवराज सिंह ने चयनकर्ताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि इस पूरे टूर्नामेंट में चयनकर्ता और टीम मैनेजमेंट ने नौसिखियों की तरह काम किया। विश्व कप जैसे टूर्नामेंट में नंबर 4 जैसे अहम बल्लेबाजी क्रम के लिये आपने अनुभव की जगह नौसिखियों को जगह दी।
युवराज ने कहा, ' विश्व कप से ठीक पहले चयनकर्ताओं ने अंबाती रायुडू को बाहर कर दिया। विजय शंकर को टीम के साथ भेजा गया, जो चोटिल हो गए और फिर उनकी जगह ऋषभ पंत को चुना गया। मैं इन खिलाड़ियों के खिलाफ नहीं हूं लेकिन दोनों के पास सिर्फ 5 अंतर्राष्ट्रीय वनडे मैच खेलने का अनुभव थे। मेरे कहने का मतलब है कि इतने कम अनुभव वाले खिलाड़ी से आप कैसे बड़े मैचों में जीत की उम्मीद करते हैं।'

थिंक-टैंक ने बिल्कुल भी थिंक नहीं किया
युवराज सिंह ने कहा कि वहीं पर भारतीय टीम मैनेजमेंट का थिंक टैंक भी सुस्त पड़ा था, उसने वो चीजें की जिसकी उम्मीद शायद ही किसी को हो।
उन्होंने कहा, 'मेरी नाराजगी उन चीजों से है, जो थिंक टैंक ने की। सारे टूर्नामेंट में दिनेश कार्तिक को बाहर बिठाया गया और ऐन वक्त पर सीधे अचानक उन्हें सेमीफाइनल में उतारा गया। इस मैच में महेंद्र सिंह धोनी जैसे खिलाड़ी को 7वें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए भेजा गया। यह अव्यवस्था की स्थिति थी। बड़े मैचों में आप ऐसा नहीं कर सकते।'

नंबर 4 की अनबूझ पहेली का जिम्मेदार कौन
भारतीय टीम के लिये विश्व कप से कुछ समय पहले तक अंबाती रायडु का 4 नंबर का तय बल्लेबाज माना जा रहा था लेकिन भारत दौरे पर आई ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन नहीं होने के कारण उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया।
युवराज ने कहा, ' विश्व कप में आपके चौथे नंबर के बल्लेबाज का उच्चतम स्कोर 48 रन था, इसलिए आपकी पूरी योजना पर ही सवाल उठता है। आप शुरू से ही मानकर चल रहे थे कि रोहित शर्मा और विराट कोहली अच्छी फॉर्म में हैं लेकिन सिर्फ इन खिलाड़ियों के दम पर पूरा टूर्नामेंट नहीं जीत सकते। अगर आप ऑस्ट्रेलिया की 2003, 2011, 2015 की टीमें देखों तो समझ आयेगा कि उनकी टीम में कितने मंझे हुए बल्लेबाज थे। इसलिए मेरा मानना है कि रणनीति पूरी तरह से गलत थी।'
युवराज ने कहा, 'रायुडू के साथ जो कुछ हुआ उससे मैं काफी निराश था। वह एक साल से भी अधिक समय तक नंबर 4 बल्लेबाज रहे। यहां तक कि न्यू जीलैंड में आखिरी मैच में भी। उन्होंने उस मैच में 90 रन बनाए और मैन ऑफ द मैच बने थे।'

टी20 विश्व कप में न दोहरायें वही गलती, 4 महीने पहले तैयार हो जाये कॉम्बिनेशन
युवराज सिंह ने टीम मैनेजमेंट को वनडे विश्व कप की गलती न दोहराने की अपील करते हुए कहा कि अगर आप टी20 विश्व में जीत हासिल करना चाहते हैं तो 4 महीने पहले संयोजन को तैयार कर लें।
युवराज ने कहा, ‘मुझे लगता है कि हमें विश्व कप से पहले तैयार रहना चाहिये। अगर आप जीत चाहते हैं तो आपको 4 महीने पहले पता होना चाहिये कि टीम के साथ कौन से 16 या 14 खिलाड़ी जाएंगे।'

एक्स फैक्टर साबित हो सकता है शिवम दुबे
युवराज सिंह की बातों को समर्थन देते हुए हरभजन सिंह ने कहा,' विश्व कप में जाने से पहले टीम संयोजित होनी चाहिये और खिलाड़ियों को पता होना चाहिये कि वे विश्व कप में खेलेंगे। टीम में जगह बनाने को लेकर आशंका नहीं होनी चाहिये। अगर खिलाड़ियों को टीम में अपनी भूमिका का पता होगा तो वह सकरात्मक रूप के साथ उस पर काम करेंगे।'
आपको बता दें कि भारतीय टीम इस वक्त विश्व कप की तैयारियों के मद्देनजर कई युवा खिलाड़ियों को आजमा रही है। भारत को 2007 टी20 और 2011 में एकदिवसीय विश्व चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले युवराज सिंह ने इस मौके पर हरफनमौला शिवम दुबे का समर्थन करते हुए कहा कि वह बाएं हाथ का ऐसा बल्लेबाज है जो गेंदबाजी भी कर सकता है।


Click it and Unblock the Notifications
