नई दिल्ली, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। क्रिकेट खिलाड़ियों के संघ 'फेडरेशन आफ इंटरनेशनल क्रिकेटर्स ऐसोसिएशन' (एफआईसीए) ने दो वर्षो में दूसरी बार अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) पर दबाव बनाने की कोशिश की है।
नई दिल्ली, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। क्रिकेट खिलाड़ियों के संघ 'फेडरेशन आफ इंटरनेशनल क्रिकेटर्स ऐसोसिएशन' (एफआईसीए) ने दो वर्षो में दूसरी बार अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) पर दबाव बनाने की कोशिश की है।
उनका मानना है कि आईसीसी अपनी मौजूदा कार्यप्रणाली में बदलाव लाए ताकि इस खेल को भारत के प्रभुत्व से बाहर निकाला जा सके और साथ ही अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट के व्यस्त कार्यक्रम को भी थोड़ा कम किया जा सके।
एफआईसीए के प्रमुख टिम मे ने आईएएनएस को बताया कि पिछले साल 56 फीसदी खिलाड़ियों के यह कहने पर कि वे आईसीसी में अपनी आस्था गंवा चुके हैं, हम खिलाड़ियों के बीच एक दूसरा मतदान करवा रहे हैं और इसके परिणामों पर हम टेक्सास में 26-27 मई को होने वाली वार्षिक बैठक के दौरान विचार करेंगे।
भारत और पाकिस्तान टेक्सास में होने वाली इस बैठक में हिस्सेदारी नहीं कर पाएंगे क्योंकि दोनों देशों के खिलाड़ियों के संगठनों को उनके क्रिकेट बोर्डो का समर्थन प्राप्त नहीं है।
पिछले वर्ष वेस्ट इंडीज में हुए विश्व कप के तुरंत बाद एफआईसीए ने आईसीसी से मांग की थी कि वह अपने प्रशासनिक तौर तरीकों में बदलाव लाए।
गुरुवार को एफआईसीए के कानूनी सलाहकार इयान स्मिथ ने आईसीसी में भारत के बढ़ते प्रभुत्व पर चिंता जताई थी।
गौरतलब है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई)के अध्यक्ष शरद पवार 2010 में आईसीसी के अध्यक्ष का पद संभालेंगे और हाल ही में बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष आई.एस. बिंद्रा को आईसीसी का सलाहकार नियुक्त किया गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।