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बताया F का 'असली मतलब'
गंभीर ने अपने ट्वीर पर एमएफएन से जुड़ी खबर का लिंक शेयर लिखा- मेरे पास पाकिस्तान के लिए कुछ समाचार हैं। हमें उनकी एमएफएन 'स्थिति लगातार जारी रखनी चाहिए। इममें केवल एक बात है कि इस बार हम नागरिक तय करेंगें कि आपके लिए F 'का क्या मतलब है। बता दें कि गंभीर ने एक तरीके पाकिस्तान को Most F*** National कहा है।
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गंभीर पहले भी दे चुके हैं चुनाैती
बता दें कि गंभीर ने हमले के दिन ही पाकिस्तान को खुली चुनौती दे दी थी। इस हमले से आहत गंभीर ने कहा था कि अब पाकिस्तान के साथ टेबल पर नहीं बल्कि युद्ध के मैदान में बात होनी चाहिए। गंभीर ने ट्विटर पर लिखा था, "हां, अलगाववादियों-आतंकियों और पाकिस्तान से बात तो जरूर होनी चाहिए लेकिन यह बात टेबल पर नहीं बल्कि अब युद्ध के मैदान में होनी चाहिए। अब बस बहुत हुआ।" गंभीर ने यह ट्वीट उस समय किया था जब आतंकी हमले में शहीदों की संख्या 18 थी। लेकिन अब शहीद जवानों की संख्या 42 हो चुकी है।

सबक सीखाने के लिए भारत का बड़ा फैसला
सीआरपीएफ जवानों पर हमला होने के बाद पाकिस्तान अब बर्बाद होने की कगार पर खड़ा हो चुका है। पूरी दुनिया जानती है कि पाकिस्तान की गोद में बैठे आतंकी ही इन हमलों को अंजाम देते हैं। वहीं आंतकी संगठन चलाने वाले जैश-ए-मुहम्मद ने इसकी जिम्मेदारी ली, जिसपर पाकिस्तान का हाथ है। लेकिन पाकिस्तान को सबक सीखाने के लिए भारत ने उससे एमएफएन का दर्जा वापस ले लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर हुई 'कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्यॉरिटी' में पाकिस्तान को मिले इस दर्जे को 22 वर्षों बाद खत्म करने का फैसला किया गया। इस अति-उच्चस्तरीय बैठक में शामिल वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मीडिया को इसकी जानकारी दी।

जाने क्या है एमएफएन
विश्व व्यापार संगठन (WTO) के जनरल अग्रीमेंट ऐंड टैरिफ्स ऐंड ट्रेड (GAAT) के तहत सदस्य देशों को एक-दूसरे के साथ वस्तुओं पर कस्टम्स ड्यूटी (सीमा शुल्क) के मामले में एकसमान व्यवहार करना होता है। दरअसल, एमएफएन एक आर्थिक दर्जा है जिसे दो देशों के बीच होने वाले 'मुक्त व्यापार समझौते' के तहत दिए जाने का प्रावधान है। कोई देश जिन किन्हीं देशों को यह दर्जा देता है, उस देश को उन सभी के साथ व्यापार की शर्तें एक जैसी रखनी होती हैं। जिन देशों को एमएफएन का दर्जा दिया जाता है, उन्हें व्यापार में बाकियों के मुकाबले कम शुल्क, ज्यादा व्यापारिक सहूलियतें और उच्चतम आयात कोटा की सुविधा दी जाती है। अब भारत से दर्जा गंवाने के बाद कर्ज में डूबे पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लग सकता है। यहां यह बताना बेहद जरूरी है कि भारत और पाकिस्तान के बीच 2012 के आंकड़े के मुताबिक, करीब 2.60 बिलियन डॉलर का व्यापार होता है। ऐसे में पाक को भारत के साथ कारोबारी लिहाज से बड़ा नुकसान उठाना पड़ेगा।


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