For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS  
For Daily Alerts
 

गाैतम गंभीर की नजरों में ये है 'बेस्ट ओपनर', नहीं करता सहवाग की तरह गेंदबाजों का अपमान

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम जब 21 फरवरी को न्यूजीलैंड के खिलाफ पहला टेस्ट खेलने उतरेगी तो दर्शकों को एक नई ओपनिंग जोड़ी देखने को मिलेगी। मयंक अग्रवाल के साथ पृथ्वी शाॅ को ओपनिंग करने का साैभाग्य प्राप्त होता है या फिर शुबमन गिल को, यह देखने वाली बात रहेगी। लेकिन पूर्व सलामी बल्लेबाज गाैतम गंभीर ने टाइम्स ऑफ इंडिया के अपने कॉलम में टीम को लेकर अपने विचार रखे। उन्होंने मयंक को 'बेस्ट ओपनर' बताते हुए कहा कि वे एक संयोजित बल्लेबाज हैं जो वीरेंद्र सहवाग की तरह गेंदबाजों का अपमान नहीं करता।

नई जोड़ी देखने को मिलेगी

नई जोड़ी देखने को मिलेगी

अपने कॉलम में गंभीर ने लिखा, ''मयंक पर मुझे पूरा भरोसा है। वो भले ही सबसे प्रतिभाशाली बल्लेबाज ना हो लेकिन वो सबसे ज्यादा संयोजित बल्लेबाज है। वो वीरेंद्र सहवाग या डेविड वार्नर की तरह गेंदबाजों का अपमान नहीं करेगा लेकिन उसके पास एक ओपनर की स्पष्ट मानसिकता है। एक नई जोड़ी हमें बताैर ओपनर उतरते हुए देखने को मिलेगी। लेकिन ये देखना दिलचस्प होगा कि पृथ्वी शॉ या शुबमन गिल में से किसे मौका मिलता है और वो अपनी भूमिका कैसे निभाते हैं।"

बदलाव की उम्मीद कम

बदलाव की उम्मीद कम

भारत की प्लेइंग इलेवन में होने वाले संभावित बदलावों पर गंभीर ने लिखा, ''टेस्ट सीरीज में जाते हुए, मुझे रातोंरात ऐसे किसी बड़े बदलाव कि उम्मीद नहीं है जिस पर लोग अपनी प्रतिक्रिया दें लेकिन मुझे खुशी है कि विराट कोहली की टीम इन आश्वासनों से काफी सुरक्षित दिखती है। भारत के पास प्रभावशाली गेंदबाजी आक्रमण है जिसे इशांत शर्मा के आने से स्थिरता मिल गई है। कुल मिलाकर मुझे लगता है कि भारत के पास इस टेस्ट सीरीज में मेजबानों के सामने रखने लिए बड़ी चुनौती है।''

स्वीकार करनी होगी विरोधी टीम की ताकत

स्वीकार करनी होगी विरोधी टीम की ताकत

हालांकि गंभीर ने टीम को चेताया है कि वो मेजबान को हल्के में ना लें। गंभीर ने लिखा, ''मैने नोटिस किया है कि जब भी हम पिछड़ते हैं तो हम अपनी टीम में से किसी को दोष देना शुरू कर देते हैं। लेकिन मैं इसे आत्मविश्वास की कमी कहता हूं। हम अपनी प्रक्रियाओं पर सवाल उठाना शुरू करते हैं और उन चीजों को बदलते हैं जिनका कोई मतलब नहीं होता है। यही चीज तब हुई जब भारत हाल में न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज 0-3 से हारा। इसके बाद उसी टीम की आलोचना हुई जिसने मेजबानों को टी-20 सीरीज में 5-0 से हराया था। हम सिर्फ विरोधियों की सराहना क्यों नहीं कर सकते हैं और भविष्य के अपने मैचों की ओर क्यों नहीं देखते हैं? हम सिर्फ यह क्यों नहीं स्वीकार करते हैं कि विरोधी हमारी तुलना में बेहतर थे?

42 की उम्र में कुमार संगकारा ने खेली विस्फोटक पारी, अफरीदी की टीम हारी

Story first published: Thursday, February 20, 2020, 19:52 [IST]
Other articles published on Feb 20, 2020
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+