नई दिल्ली। भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने टीम इंडिया के पूर्व कोच डंकन फ्लेचर की जमकर खिचाईं की है। वहीं दूसरी तरफ वर्तमान कोच रवि शास्त्री को उन्होंने खूब सराहा है।
गावस्कर की मानें तो फ्लेचर के समय टीम के खिलाड़ियों का रवैया लापरवाही भरा था और वे जरा भी अनुशासित नहीं थे। फ्लेचर वर्ष 2011 से 2015 तक टीम इंडिया के कोच रहे थे।
गावस्कर की मानें तो खिलाड़ियों को फ्लेचर की स्टाइल बिल्कुल भी पसंद नहीं थी। खिलाड़ी खेल पर ध्यान देने की जगह बस टाइम पास करते थे। कोई भी खिलाड़ी फ्लेचर के समय न तो प्रैक्टिस सेशन को फॉलो करता था और न ही इसके लिए दिए हुए समय पर रिपोर्ट करता था।
वहीं, दूसरी तरफ उन्होंने भारतीय टीम के डायरेक्टर रवि शास्त्री की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा है कि शास्त्री के कोच बनने के बाद से खिलाड़ी ज्यादा पॉजिटिव हैं। वह अब प्रैक्टिस को भी गंभीरत से लेते हैं और नेट्स पर काफी मेहनत करते हैं।
गावस्कर ने कहा कि अगर खिलाड़ी अपने काम के लिए ईमानदार होंगे तो ही उनकी प्रगति हो पाएगी। लेकिन फ्लेचर के समय यह रवैया था ही नहीं। गावस्कर के मुताबिक फिलहाल टीम इंडिया शास्त्री और तीन और सहायक कोचों की मदद से काफी अच्छा कर रही है।
खिलाड़ियों में सुधार की गुंजाइश भी दिखती है। लेकिन साथ ही उन्होंने खिलाड़ियों को हंसी मजाक से बचने की सलाह दी है। उन्होंने कहा है कि खिलाड़ी इस पर ज्यादा समय बर्बाद करने से बेहतर होगा कि वह अपने लक्ष्य की ओर ध्यान लगाएं।
रवि शास्त्री को बीसीसीआई ने टी20 वर्ल्ड कप 2016 तक के लिए टीम इंडिया का डायरेक्टर बनाया है। इन्हें बैटिंग कोच संजय बांगड़, बॉलिंग कोच भरत अरूण और फील्डिंग कोच आर श्रीधर असिस्ट करते हैं।
गावस्कर ने बीसीसीआई के फैसले की भी तारीफ की है। उन्होंने कहा है कि जब तक अच्छे नतीजे आ रहे हैं तब तक शास्त्री को उनकी जिम्मेदारी से नहीं हटाना चाहिए।