सिडनी। मैक्ग्राथ ने कहा कि मुझे लोगों की फीलिंग का एहसास है, अक्सर लोग अपने पसंदीदा खिलाड़ी के लिए जज्बाती हो जाते हैं लेकिन सचिन के प्रति लोग केवल दीवाने नहीं हैं बल्कि उन्हें वाकई में एक अलग और ऊंचा स्थान अपने दिलों में देते हैं जिसकी वजह से ही आज तक मुझे भारतीयों से माफी नहीं मिली है।
गौरतलब है कि 2003 वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले में सचिन ने मेरे पहले ओवर में चौका मारा और मैंने अगली गेंद शॉर्ट डाली। इस पर वह मुझे आसान कैच दे बैठे। मेरे और सचिन के बीच कई बार संघर्ष हुआ। सचिन इज ग्रेट प्लेयर एंड ग्रेट ह्यूमन, लेकिन जब आप किसी अच्छे खिलाड़ी के खिलाफ खेलते हो तो अक्सर आपके अंदर भी जोश बढ़ जाता है, मेरे और सचिन के साथ भी कुछ ऐसा ही है।
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अक्सर दोनों के मुकाबले को लेकर बातें लिखी जाती थीं लेकिन दोनों ने कभी भी मैदान के बाहर इन खबरों पर प्रतिक्रिया नहीं दी। इसमें किसी को शक नहीं कि दोनों ही महान खिलाड़ी हैं और दोनों की तुलना नही दी जा सकती लेकिन मैदान पर हमेशा ही सचिन का बल्ला मैक्ग्राथ की गेंद पर भारी ही रहा है।
क्लार्क ने सचिन को बताया बेस्ट और पोटिंग को केयरलेस..वाह भाई वाह..