हैप्पी बर्थडे उमेश यादवः जानिए कैसे खदान में काम करने वाले का बेटा पुलिस में सिपाही न बनकर क्रिकेट सनसनी बन गया

नई दिल्ली। आज भारत के धाकड़ तेज गेंदबाज उमेश यादव आज अपना 30वां जन्मदिन मना रहे है। उमेश यादव मौजूदा समय में भारत के नियमित टेस्ट गेंदबाज हैं। उमेश भले ही वनडे सीरीज से बाहर चल रहे हों लेकिन कोच से लेकर कप्तान तक हर कोई उन पर नजर बनाए रखता है। अभी हाल ही में कोहली ने कहा था कि उमेश यादव और मोहम्मद शमी को हम आराम दे रहे हैं। ताकि उन्हें विदेशी धरती पर अच्छे से इस्तेमाल किया जा सके। सोमवार को टीम इंडिया की टेस्ट टीम की घोषणा हुई। श्रीलंका के खिलाफ होने वाली इस सीरीज के लिए उमेश यादव को टेस्ट टीम में बरकरार रखा गया है। आज हम आपको उमेश के जन्मदिन पर उनके बारे में कुछ अनकही बातें बताने जा रहे हैं।

पिता कोयला खदान में करते थे काम

पिता कोयला खदान में करते थे काम

टीम इंडिया की टेस्ट टीम में मुख्य गेंदबाज उमेश यादव का क्रिकेट का ये सफर इतना आसान नहीं रहा। उनके पिता यूपी के देवरिया के रहने वाले हैं। वह कोयला खदान में काम करते थे और नागपुर के पास खापरखेड़ा की वेस्टर्न कोल लिमिटेड की कॉलोनी में रहते थे। उमेश की परवरिश इन्हीं परिस्थितियों में हुई।

पुलिस और सेना में भर्ती होना चाहते थे उमेश यादव

25 अक्टूबर 1987 को देवरिया में जन्में उमेश यादव घरेलू क्रिकेट में विदर्भ की तरफ से खेलते हैं। बता दें कि उमेश विदर्भ के पहले खिलाड़ी हैं जिसने टेस्ट क्रिकेट खेला है। अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत से पहले उमेश यादव ने सेना और पुलिस में नौकरी पाने की कोशिश की थी। वह सेना और पुलिस में सिपाही बनना चाहते थे। पुलिस के अलावा उन्होंने सेना में भर्ती होने की कोशिश की। लेकिन कामयाब नहीं हुए।

भारतीय टीम में स्पीड के किंग हैं उमेश, दो भागों में बांट दिया था मैक्सवेल का बल्ला

उमेश यादव देश के उन चुनिंदा तेज गेंदबाजों में शामिल हैं, जो 140 किमी की रफ्तार से लगातार गेंद फेंक सकते हैं। उमेश यादव ने 4 मैचों में ही 20 विकेट ले लिए थे। 2010 में उन्होंने आईपीएल दिल्ली की ओर से खेलते हुए अपने प्रदर्शन से छाप छोड़ी और उसके बाद वह टीम इंडिया का हिस्सा बन गए। इसी साल भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए तीसरे टेस्ट मैच के दूसरे दिन उमेश यादव ने पहली ही गेंद पर ग्लेन मैक्सवेल का बल्ला तोड़ दिया था। उमेश की धारदार गेंदबाजी को देखने के बाद तो मैक्सवेल भी हैरान हो गए थे। ऑस्ट्रेलिया की पारी के 91वें ओवर में पहली ही गेंद पर उमेश यादव ने ग्लेन मैक्सवेल का बैट तोड़ दिया। मैक्सवेल के हाथ में केवल बैट का हैंडल रह गया और वह हंसने लगे, उस समय वह 82 रन पर खेल रहे थे।

टेनिस बॉल से खेलते थे उमेश, पहली बार यहां पकड़ी थी लेदर बॉल

विदर्भ की टीम में शामिल होने के बाद उमेश यादव ने पहली बार लेदर की गेंद से गेंदबाजी की। इसके पहले वह टेनिस बॉल से खेलते थे। जुलाई 2016 से जुलाई 2017 के बीच में उमेश यादव ने क्रिकेट के सभी फॉरमेट में 493.1 ओवर फेंके। ये सभी ओवर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में फेंके गए हैं। किसी भी भारतीय तेज गेंदबाज द्वारा इस पीरियड में फेंके गए ये सबसे ज्यादा ओवर हैं।

ऐसा रहा है अब तक का करियर

उमेश के क्रिकेट करियर की बात करें तो अब तक 34 टेस्ट मैच खेलें, जिसमें इन्होंने 220 रन बनाए और 94 विकेट हासिल किए। वहीं वनडे मैच की बात करें तो 71 मैचों में 102 विकेट हासिल किए और आईपीएल में इन्होंने 94 मैचों में 91 विकेट हासिल किए।

Story first published: Wednesday, October 25, 2017, 16:03 [IST]
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