नई दिल्लीः भारत के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन की विवादित छवि उनका पीछा छोड़ने के लिए तैयार नहीं है। हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन एपेक्स काउंसिल ने बुधवार को पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद अजहरुद्दीन को हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन (एचसीए) के अध्यक्ष पद से हटा दिया। शीर्ष परिषद के अनुसार यह निर्णय 'सर्वसम्मत' था।
शीर्ष परिषद ने अजहरुद्दीन के खिलाफ लंबित मामलों का हवाला देते हुए उनको बर्खास्त कर दिया। परिषद ने उनकी सदस्यता भी निलंबित कर दी और 27 सितंबर 2019 को एचसीए के अध्यक्ष के रूप में चुने गए भारत क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान को कारण बताओ नोटिस जारी किया।
नोटिस में कहा गया है, "सदस्यों द्वारा आपके (अजहरुद्दीन) खिलाफ की गई शिकायतों पर विचार करने के बाद, इस महीने की 10 तारीख को शीर्ष परिषद की बैठक में इस आधार पर कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्णय लिया गया कि आपने नियमों का उल्लंघन किया है। शीर्ष परिषद आपको निलंबित कर रही है और इन शिकायतों की जांच पूरी होने तक एचसीए की आपकी सदस्यता समाप्त की जा रही है।"
एचसीए का पदभार संभालने के बाद से अजहर को लेकर कई लोगों में यह शिकायत रही है कि अजहरुद्दीन ने पैनल से परामर्श किए बिना एकतरफा निर्णय लिए।
इससे पहले 25 मई को हुई शीर्ष परिषद की 10वीं बैठक में उन्हें कारण बताओ देने का फैसला किया गया था। शो-केस नोटिस में कहा गया है कि वह दुबई में एक निजी क्रिकेट क्लब के मेंटर है जो एक टी10 क्रिकेट टूर्नामेंट में भाग लेता है जिसे बीसीसीआई द्वारा मान्यता प्राप्त नहीं है।
अजहर 27 सितंबर 2019 को एचसीए के प्रेसीडेंट चुने गए थे लेकिन वे हमेशा की तरह इस बार भी विवादों में रहे।