कोलकाता। इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 विश्वकप के फाइनल मैच में शानदार जीत के बाद टीम के कप्तान डरैन सैमी ने बोर्ड के खिलाफ जमकर अपनी भड़ास निकाली। जिस तरह से बिना बोर्ड के सपोर्ट के वेस्टइंडीज टीम ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए इस खिताब को अपने नाम किया है। वर्ष 2016 वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड का स्वर्ण वर्ष कहा जा सकता है।
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इस साल अंडर-19 टीम, महिला टीम और पुरुष टीम ने विश्वकप का खिताब अपने नाम किया है। लेकिन इस जीत और खुशी के पीछे वेस्टइंडीज टीम ने बड़े संघर्ष का सामना करते हुए इस मुकाम को हासिल किया है। टूर्नामेंट शुरु होने से पहले बोर्ड से खिलाड़ियों का झगड़ा चल रहा था, मैच फीस, सहित तमाम दिक्कतों और खराब आर्थिक स्थिति की वजह से टीम संघर्ष कर रही थी
इस टी-20 विश्वकप के शुरु होने से पहले कमेंटेटर मार्क निकल ने एक लेख में वेस्टइंडीज की टीम को बिना दिमाग वाली टीम करार दिया था जिसपर डरैन सैमी अपना आपा खो बैठे। सैमी ने कहा कि जानवरों में भी दिमाग
होता है ऐसे में इस तरह की बात करना शर्मनाक है।
मैच के बाद डरैन सैमी ने जमकर अपनी भड़ास निकालते हुए कहा कि लोग सोच रहे थे कि इस टूर्नामेंट में हम खेलेंगे भी या नहीं, हमारी कई समस्यायें थी बोर्ड ने हमें कोई इज्जत तक नहीं दी थी और मार्क निकोलस ने हमें बिना दिमाग वाली टीम कह रहे थे और ऐसे माहौल में हमने विश्वकप अभियान की शुरुआत की थी।
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यहां गौर करने वाली बात यह है कि टूर्नामेंट शुरु होने से पहले वेस्टइंडीज के खिलाड़ियों के पास जर्सी तक नहीं थी। ऐसे समय में रॉल लुईस को टीम का मैनेजर बनाया गया जिन्होंने इससे पहले किसी भी टीम की जिम्मेदारी नहीं संभाली थी। उन्होंने कोलकाता में हमारी टीम की जर्सी को प्रिंट करवाया। सैमी कहते हैं कि लुईस की हमारी मुलाकात दुबई में हुई थी और हमने बैठक की, जिसके बाद लुईस कोलकाता पहुंचे और हमारी काफी मदद की।
सैमी ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री ने हमें इस फाइनल से पहले प्रेरणात्मक मैसेज दिया लेकिन हमारे खुद के बोर्ड ने हमसे अभी तक बात नहीं की, जोकि काफी निराशाजनक है।
सैमी ने कहा कि हमारे बोर्ड से ज्यादा हमारी मदद बीसीसीआई ने की थी। वहीं मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने ट्वीट करके बीसीसीआई को वेस्टइंडीज के खिलाड़ियों की मदद की अपील की है।
सैमी ने यहां तक कहा कि मैं अपने 15 खिलाड़ियों के साथ इस पल को महसूस करुंगा और इसका जश्न मनाउंगा, क्योंकि हमें एक बार फिर से खेलने का मौका नहीं मिलेगा, बोर्ड हमें वनडे टीम में नहीं लेगा।
वहीं इस पूरे प्रकरण के बाद वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष वेक्लिफ डेव कैमरून ने कहा कि अवॉर्ड सेरेमनी में जो कुछ भी सैमी ने कहा उसके लिए हम बोर्ड की तरफ से मांफी मांगना चाहेंगे जिससे क्रिकेट फैंस को दुख पहुंचा होगा। उन्होंने कहा कि सबी समस्याओं को सुलझाने के लिए वह पूरी कोशिश करेंगे।
गौरतलब है कि वर्ष 2014 में बोर्ड के साथ विवादों के चलते वेस्टइंडीज की टीम ने भारत दौरा बीच में ही छोड़ दिया था। जिसकी अहम वजह थी बोर्ड ने कैरेबियन खिलाड़ियों की मैच फीस में कटौती की थी। वेस्टइंडीज के बीच में टूर्नामेंट छोड़ने की वजह से बीसीसीआई को आनन-फानन में श्रीलंका की टीम को खेलने के लिए बुलाना पड़ा था।