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गांगुली ने आज 'गोक्रिकेट डाट काम' वेबसाइट से कहा, ''शायद अब समय आ गया है कि कोहली को बैठकर अपनी कप्तानी के बारे में सोचना चाहिए। मैंने सात आठ दिन पहले गौतम गंभीर से बात की थी और उनसे कप्तानी को अलग तरह से लेने के लिये कहा था और मुझे लगता है कि विराट को भी अपनी कप्तानी को अलग तरह से देखना चाहिए। '' गांगुली के अनुसार कप्तानी की मुश्किलों से कभी न कभी हर किसी पर अवचेतन मन से असर पडता है।
उन्होंने कहा, ''हम सभी कप्तानी के फेर में पड जाते हैं, जिसमें टीम को सही दिशा में बढाने की जरुरत होती है, टीम की बैठाकों पर ध्यान होता है, ये चीज सही रखो और वो चीज सही रखो..वगैरह वगैरह। कभी कभार अवचेतन रुप से ही हम कप्तानी में इतने ज्यादा शामिल हो जाते हैं कि हमारी खुद का खेल दूसरा स्थान ले लेता है। ''
गांगुली ने कहा, ''इसलिये मेरी विराट को सलाह होगी कि वह रन जुटाने में अपना ध्यान लगाये और कप्तानी के बारे में तभी सोचे जब उसे मैदान पर टीम की अगुवाई करनी हो।'' हालांकि विराट अपने प्रदर्शन से किसी को खुद पर उंगली उठाने व सवाल पूछने का मौका नहीं देते हैं।