नई दिल्ली। साल 2011 के वर्ल्डकप के मैन ऑफ द सीरीज रहे क्रिकेटर युवराज सिंह को अब खुद लगने लगा है कि शायद अब वो इंडियन टीम में कभी भी वापसी नहीं कर पायेंगे और ना ही देश के लिए खेल पायेंगे। अपने जीवन के बुरे फार्म से गुजर रहे मिस्टर युवी ने हालांकि यह जरूर कहा कि वो एक फाइटर हैं और वो अंत तक कोशिश करते रहेंगे कि उन्हें टीम में वापस जगह मिले।
कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से जंग जीतने वाले युवराज सिंह ने अंतिम बार इस साल अप्रैल में वर्ल्ड टी20 में मैच खेला था। जिसमें अपनी बेकार फार्म के चलते उन्हें काफी आलोचना और दर्शकों का गुस्सा झेलना पड़ा था।
जिंदगी कभी किसी के लिए नहीं रूकती है
युवराज सिंह ने साफ कहा कि जिंदगी कभी किसी के लिए नहीं रूकती है, आज मेरा वक्त थोड़ा सा खराब चल रहा है लेकिन एक वक्त था जब मेरा टाइम काफी अच्छा था। जब वो नहीं रहा तो मुझे यह भी पता है कि यह वक्त भी नहीं रहेगा। मैं अपनी ओर से पूरी कोशिश करता रहूंगा, बाकी सब तो ऊपरवाले के हाथ में हैं। मेरे लिए इससे अच्छा क्या होगा कि मैं वापसी करके एक बार फिर से विश्वकप का हिस्सा बनूं लेकिन यह मेरे लिए काफी मुश्किल जरूर है लेकिन मैं निराश नहीं हूं और मैं अंत तक कोशिश करता रहूंगा।
अब शायद ही कभी मेरी टीम इंडिया में वापसी हो
युवी ने कहा कि परिवर्तन प्रकृति का नियम है और जिंदगी किसी के लिए नहीं ठहरती है। देश के युवा खिलाड़ी काफी अच्छा खेल रहे हैं। अगर मैं टीम में वापस आता हूं तो भी ठीक और नहीं आता तो भी ठीक। क्रिकेट ने मुझे बहुत कुछ दिया है और उसके लिए मैं हर तरह से मेहनत कर सकता हूं लेकिन मैं जानता हूं कि मेरे हाथ में अब मेहनत ही है इसलिए मैं दोनों तरह के फैसले के लिए तैयार हूं।