सन्यास के फैसले पर युवराज का कहना है कि हमें उनके फैसले का सम्मान करना चाहिए। युवी ने उम्मीद जताई कि वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज में उन्हें चुना जाएगा और अगर ऐसा नहीं होता है तो मैं यह मैच देखने के लिए जरूर जाऊंगा। मेरे पास उनके लिए कहने को बहुत कुछ है, वह सिर्फ मैदान पर ही नहीं बल्कि इसके बाहर भी क्रिकेट के दूत हैं, मेरे ख्याल से यह पूरे भारत के लिए भावानात्मक क्षण है। भविष्य में उनके जैसा महान खिलाड़ी कभी नहीं आ पाएगा। गेंदबाज के बॉल करने से पहले ही उन्हें पता होता था कि यह गेंद कहां पर गिरेगी, वह भारत को ईश्वर का वरदान है।
आस्ट्रेलिया के खिलाफ अपनी पारी के बारे में युवराज का कहना है कि मैंने काफी समय बाद खेल के मैदान में वापसी की है। इस दौरान मैंने काफी मेहनत की है और खेल के मानसिक पहलुओं पर काम किया है। युवराज ने आस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली गई पारी को अपनी मां और सचिन को समर्पित किया है। बकौल युवराज मेरी मां ने मेरी वापसी के लिए बहुत दुआएं की है और हर रोज करती रहती हैं।
युवराज ने टी20 मैच के पहले इंडिया ए की तरफ से शानदार प्रदर्शन कर टीम में अपनी जगह पक्की की।