इंडियन आर्मी में लेफ्टिनेंट कर्नल की उपाधि रखने वाले कप्तान धोनी ने कहा कि 'बचपन में मैं आर्मी ज्वाइन करने का सपना देखा करता था। मैं सैनिकों को देखकर सोंचता था कि मैं भी उन जैसा ही बनूंगा लेकिन ऐसा न हो सका। सैनिकों को वर्दी में देखकर मेरा सारा डर खत्म हो जाता था, इसलिए यूनिफॉर्म मेरे लिए बेहद खास है।
मैदान पर हमेशा शांत नजर आने वाले धोनी से जब सवाल पूछा गया कि वह खुद को तनाव से कैसे बचाते हैं। इस पर उन्होने मजाकिया लहजे में कहा कि 'जब मैं प्रेस काफ्रेंस में जाता हूं तो इसके पहली रात मैं फ्रिज में जाकर बैठ जाता हूं। जिससे कि जब भी मुझसे सवाल पूछा जाए, मैं शांत बना रहूं।
वैसे भले ही धोनी आर्मी में न जा पाए हों पर क्रिकेट में उन्होने टीम को वो सफलताएं दिलवाई जो उनके पूर्ववर्ती कप्तान और खिलाड़ी टीम को नहीं दिला सके। धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया ने टी20 विश्वकप, वनडे विश्वकप, चैम्पियंस ट्रॉफी जीती। इसके अलावा टीम इंडिया को नंबर वन टेस्ट टीम का दर्जा भी धोनी की कप्तानी में ही मिला। कप्तानी के पहले ही वर्ष में धोनी ने आस्ट्रेलिया में खेली गई कॉमन वेल्थ बैंक सीरीज भी जीती, जिसमें लगातार दो फाइनल में भारत ने आस्ट्रेलिया को हराया।
इसके अलावा आस्ट्रेलिया और इंग्लैंड में लगातार आठ टेस्ट मैच हारने पर धोनी की कप्तानी पर जब सवाल उठाये जाने लगे तो उन्होने दोहरा शतक लगाकर न सिर्फ अपनी फार्म साबित की बल्कि उनकी ही कप्तानी में टीम ने आस्ट्रेलिया को घरेलू मैदान पर 4-0 से भी हराया।