
पूरी सुंदरता से खेले शार्दुल और वाशिंगटन सुंदर-
गाबा में ऑस्ट्रेलिया ने लड़ते हुए पहली पारी में 369 रन बनाए लेकिन उससे पहले ही भारत के पास रविंद्र जडेजा और आर अश्विन बाहर हो चुके थे। बुमराह बाहर जा चुके थे और हनुमा विहारी भी स्वदेश की फ्लाइट पकड़ चुके थे। ये सभी सिडनी टेस्ट के हीरो थे। लेकिन भारत ने ब्रिस्बेन के गाबा में अपने नए हीरो पा लिए। पहले नटराजन ने गेंदबाज में सबसे बेहतर करते हुए 3 विकेट लिए और प्रभावित किया और अब जब बल्लेबाजी में प्रमुख खिलाड़ी जमने के बाद पवेलियन लौट चुके थे तब शार्दुल ठाकुर और वाशिंगटन सुंदर अपनी पूरी सुंदरता से सामने आ गए।
186 रनों पर 6 विकेट गंवा चुकी भारतीय टीम को सुंदर और ठाकुर ने 7वें विकेट के लिए 123 रनों की साझेदारी देकर मैच को जीवंत कर दिया। इन दोनों ने ब्रिस्बेन में 7वें विकेट लिए सबसे बड़ी भारतीय साझेदारी टेस्ट मैच में कर डाली।
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दोनों ने लगाई फिफ्टी और पार्टनरशिप में शतक-
इस साझेदारी में दोनों खिलाड़ियों ने अपने-अपने पहले टेस्ट अर्धशतक बनाए। शार्दुल ने आते ही पॉजिटिव खेल दिखाया और पुल शॉट्स भी लगाकर ऑस्ट्रेलिया को बताया खेल अभी जल्द खत्म नहीं होगा। दूसरे छोर पर वाशिंगटन सुंदर परंपरागत टेस्ट बल्लेबाज की मानिंद स्ट्रोक खेलते रहे और डिफेंस करते रहे। यह जोड़ी किसी मंजे हुए बल्लेबाजों की तरह ऑस्ट्रेलिया के सामने चुनौतियां पेश करती गई।
दोनों ही छोर पर हमको दर्शनीय चौके देखने को मिले। चायकाल के बाद दोनों ने ना केवल अपने अर्धशतक पूरे किए बल्कि ऑस्ट्रेलिया के भारी-भरकम लीड लेने के इरादे को भी चूर कर दिया। इसी बीच शार्दुल 67 रन बनाकर ऑस्ट्रेलिया के सबसे बेहतरीन गेंदबाज पैट कमिंस की गेंद पर बोल्ड हो गए। उन्होंने 9 चौके और 2 छक्के लगाते हुए 115 गेंदों पर यह पारी खेली। सुंदर भी 9वे विकेट के रूप में 144 गेंदों पर 62 रन बनाकर स्टॉर्क की गेंद पर आउट हुए।

साझेदारी ने बनाए रिकॉर्ड-
यह ऑस्ट्रेलिया में भारत की तीसरी सबसे बड़ी ओवरऑल 7वें विकेट की साझेदारी है। इससे पहले सातवें विकेट के लिए सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर रविंद्र जडेजा और ऋषभ पंत ने साझेदारी की थी। यह भारत के 2018-19 के दौरे पर हुआ था और दोनों ने 204 रन जोड़े थे। दूसरे नंबर पर विजय हजारे और एच अधिकारी की जोड़ी का नाम आता है जिन्होंने 1947-48 में 132 रन बनाए थे।
विदेशी धरती पर आखिरी बार भारत के नंबर 7 और 8 के बल्लेबाजों (गैर विकेटकीपर) ने पचासा मैनचेस्टर में 1982 में लगाया था। उस समय कपिल देव ने 65 और संदीप पाटिल ने 129 नाबाद रन बनाए थे।
शार्दुल ठाकुर और वाशिंगटन सुंदर इस मैच में बतौर गेंदबाज खेल रहे हैं और उन्होंने एक ऑलराउंडर का काम किया है। गेंदबाजी में पहले ही दोनों 3-3 विकेट पहली पारी में ले चुके हैं। उन्होंने जडेजा और अश्विन की कमी को बखूबी पूरा किया।


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