नई दिल्लीः भारत की हालत सिडनी टेस्ट के तीसरे दिन खस्ता हो चुकी है और ऑस्ट्रेलिया के पास 8 विकेट शेष रहते हुए 197 रनों की भारी बढ़त है। रविंद्र जडेजा और ऋषभ पंत की चोट ने मेहमानों की दिक्कतों को बढ़ाने का काम पहले ही किया है। फिलहाल भारतीय क्रिकेट के लिए टेस्ट बचाना एड़ी चोटी का जोर लगाने जैसा साबित होने जा रहा है।
भारत की पहली पारी में केवल 244 रनों पर सिमट गई थी और 338 पर मेजबानों को समेटकर भारत ने 70 रन बिना किसी नुकसान के बनाए थे लेकिन बद से बदतर प्रदर्शन करते हुए पूरी टीम 244 पर ऑल आउट हो गई जबकि पिच में किसी तरह का कोई भूत नहीं दिख रहा था। भारत के तीन बल्लेबाज रन आउट हुए, दो बल्लेबाजों ने 50 का स्कोर आगे नहीं बढ़ाया, जडेजा का बाया अगूंठा टूट गया और पंत की बाई कोहनी। जाहिर है ऑस्ट्रेलिया की मानसिक वापसी हो चुकी है और भारतीय टीम जीत से हर गेंद के साथ पीछे जाती हुई दिख रही है।
ऐसा इसलिए है क्योंकि टेस्ट क्रिकेट के दो भयंकर बल्लेबाज मार्नस लाबुशेन और स्टीव स्मिथ लय में आ गए हैं। तीसरे दिन के स्टंप पर लाबुशेन 47 और स्मिथ 29 रन बनाकर खेल रहे थे। दोनों सितारों के बीच 68 रनों की साझेदारी हो चुकी थी। सिराज और अश्वि को 1-1 विकेट मिला है।
भारत ने दूसरे दिन 2 विकेट पर 96 रन बना लिए थे। तीसरे दिन भारत को पहला बड़ा झटका करारा लगा क्योंकि पिछले मैच के हीरो कप्तान अजिंक्य रहाणे इस बार केवल 22 रनों पर कमिंस की गेंद पर बोल्ड हो गए। इसके बाद हनुमा विहारी भी 4 ही रन बना सके और रन आउट हो गए। ऋषभ पंत ने चेतेश्वर पुजारा के साथ अर्धशतकीय साझेदारी की। पुजारा खुद भी अपना पचासा लगा चुके थे। लेकिन उसके बाद ही भारतीय पारी लड़खड़ा गई क्योंकि पंत हेजलवुड की गेंद पर 36 के निजी स्कोर पर लपके गए जबकि पुजारा 50 रनों के स्कोर पर कमिंस का शिकार बने।
यहां से भारतीय टीम की हालत खस्ता हो गई क्योंकि उसके बाद अश्विन भी 10 के निजी स्कोर पर रन आउट हो गए। नवदीप सैनी को आते ही स्टार्क ने आउट कर दिया। फिर बुमराह भी जडेजा द्वारा जल्दबाजी करने के चलते रन आउट हुए। भारत की और से तीन बल्लेबाज इस बार रन आउट हुए। जडेजा अंत में 37 गेंदों पर 28 रन बनाकर नाबाद लौटे।
ऑस्ट्रेलिया के शानदार गेंदबाज पैट कमिंस ने 29 रन पर 4 विकेट लेकर अपनी टीम को धार दी। हेजलवुड को 2 विकेट मिले जबकि स्टार्क ने बाउंसर से भयभीय करने का काम ज्यादा किया। यह एक टीम वर्क था। विकेट उनको भी हालांकि एक मिल गया था।