
अपने घर आसानी से नहीं हारता भारत
इतिहास पर नजर डालें तो सामने आता है कि भारत अपने घर साउथ अफ्रीका से आसानी से नहीं हारता। साल 1996 में यानी कि 23 साल पहले साउथ अफ्रीका पहली बार 3 टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए भारत आया था। उस समय टीम के कप्तान सचिन तेंदुलकर थे। भारत ने तब ये सीरीज 2-1 से अपने नाम करते हुए साउथ अफ्रीका को खाली हाथ वापस भेज दिया था। उस समय भारत ने पहला मैच अहमदाबाद में जीता था, जबकि दूसरे में साउथ अफ्रीका तो आखिरी मैच में भारत ने बाजी मारकर सीरीज अपने नाम की थी।
1996 में साउथ अफ्रीका की भारत में हुई पहली सीरीज के परिणाम-
20 नवंबर 1996- अहमदाबाद में खेले गए पहले मैच में भारत ने 64 रन से मारी बाजी
27 नवंबर 1996- कोलकाता में खेले गए दूसरे मैच में साउथ अफ्रीका ने 329 रन से जीता मैच
9 दिसंबर 1996- कानपुर में खेले गए तीसरे मैच में भारत ने 280 रन से मारी बाजी

सिर्फ एक बार सीरीज हारा भारत
टेस्ट क्रिकेट इतिहास में सातवीं बार ऐसा माैका आया जब साउथ अफ्रीका टीम भारत के खिलाफ भारत में ही कोई टेस्ट सीरीज खेलेगा। इससे पहले साउथ अफ्रीका 6 सीरीज भारत में खेल चुका है, जिसमें 3 भारत ने जीती, एक साउथ अफ्रीका ने तो 2 सीरीज ड्रा रहीं। अपने घर पर भारत सिर्फ 1 बार साउथ अफ्रीका से सीरीज हारा है वो भी आज से 19 साल पहले। साल 2000 में अफ्रीकी टीम 2 टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए भारत आई थी। उस समय भारत के कप्तान सचिन तेंदुलकर थे। भारत दोनों मैच हार गया था। पहला मैच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला गया था, जिसे साउथ अफ्रीका ने 4 विकेट से जीता था। वहीं दूसरा मैच बेंगलुरू के चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला गया था जो साउथ अफ्रीका 71 रनों से हार गया था। यह टेस्ट इतिहास में पहला माैका था जब भारत को अपने घर में ही अफ्रीकी टीम के हाथों सीरीज गंवानी पड़ी थी।
जानें कब-कब भारत ने अपने घर साउथ अफ्रीका को चटाई धलू-
साल 1996- 3 मैचों की सीरीज पर भारत 2-1 से किया कब्जा
साल 2004- 2 मैचों की सीरीज पर भारत ने 1-0 से किया कब्जा
साल 2015- 4 मैचों की सीरीज पर भारत ने 3-0 से किया कब्जा

आखिरी दाैरे में उड़ी थी अफ्रीकी टीम की नींद
मेहमान टीम के लिए भारतीयों का सामना करना आसान नहीं रहेगा। भला वो अपना आखिरी दाैरा कैसे भूल सकते हैं, जब उन्हें बुरी तरह से मार खाकर घर वापस लाैटना पड़ा था। 2015 में जब दोनों के बीच 4 टेस्ट मैचों की सीरीज हुई थी तो अफ्रीकी टीम के बल्लेबाज भी और गेंदबाज भी पस्त हुए थे। तब कप्तानी विराट कोहली के हाथों थी। भारत ने पहले मैच में 108 रनों से जीत दर्ज की थी। दूसरा मैच ड्रा रहा। तीसरे मैच में साउथ अफ्रीका को 124 और आखिरी मैच में 337 रनों से बड़ी हार का सामना करना पड़ा था। साउथ अफ्रीका पूरी कोशिश करेगा कि जो 3 साल पहले उनकी हालत खराब हुई थी वो इस बार ना हो। खैर, भारतीय टीम का पलड़ा भारी है जो खिलाड़ियों का आत्मविश्वास भी चार गुना बढ़ाते हैं।

लय में है 'विराट' सेना
माैजूदा समय में भारतीय टीम जीत की पटरी पर चली हुई है। हाल ही में उन्होंने विंडीज के खिलाफ 2 टेस्ट मैचों की सीरीज पर बड़ी आसानी से बाजी मारी थी। वहीं पिछली 15 टेस्ट सीरीज में भारत ने सिर्फ 2 सीरीज ही गंवाई है। एक 2017 में साउथ अफ्रीका में जाकर गंवाई थी तो दूसरी 2018 में इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज गंवाई थी। इन आंकड़ों को देख साफ झलकता है कि साउथ अफ्रीका के लिए भारत को हरा पाना आसान नहीं रहने वाला। रोहित शर्मा ओपनिंग करते हुए दिखेंगे, जिन्हें रोकना अफ्रीकी गेंदबाजों के लिए भी बड़ी चुनाैती रहेगा। वहीं कोहली बेस्ट पारियां खेलकर टेस्ट रैंकिंग की नंबर-वन कुर्सी की ओर फिर से कदम बढ़ाना चाहेंगे।


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