नई दिल्ली। भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उसकी ही धरती पर 2-1 से टेस्ट सीरीज जीतकर ना केवल भारतीय क्रिकेट के इतिहास में नया अध्याय जोड़ा है, बल्कि एशियाई क्रिकेट में भी एक नया पन्ना जोड़ दिया है। कंगारूओं को उनकी ही मांद में घेरने वाली भारतीय टीम एशिया की ऐसी पहली टीम बन गई है जिसने ऑस्ट्रेलिया को उसकी ही धरती टेस्ट सीरीज में हराया है।
भारतीय उपमहाद्वीप की अन्य टीमों में पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश ने ऐसा कभी नहीं किया है। इस तरह से भारतीय टीम की यह उपलब्धि केवल भारत ही नहीं बल्कि एशियाई क्रिकेट की भी उपलब्धि बन गई है। इसमें कोई शक नहीं कि इस जीत का असल बहुत लंबे समय तक रहेगा। भारत ने चार टेस्टों में कंगारूओं की एक ना चलने दी और 2-1 से सीरीज अपने नाम की। खास बात यह है कि सिडनी का आखिरी टेस्ट भी कंगारूओं ने अपनी क्रिकेट कौशल से नहीं बल्कि इंद्र देवता की मेहरबानी से बचाया था।
भारत ने इससे पहले ऑस्ट्रेलिया में 11 टेस्ट सीरीज खेली थी जिसमें उसको एक बार भी जीत हासिल नहीं हुई थी। ऑस्ट्रेलिया की धरती पर यह भारत की 12वीं टेस्ट सीरीज थी। जबकि पाकिस्तान ने भी अब तक 12 ही टेस्ट सीरीज खेली है जिसमें वह एक में भी जीत हासिल नहीं कर सका है। इसके अलावा श्रीलंका ने 6 सीरीज यहां खेली और सभी हारी। जबकि बांग्लादेश की टीम भी एक ही सीरीज खेली और हारी। भारत ने सीरीज में अपने बेहतरीन गेंदबाजों के साथ चेतेश्वर पुजारा के शानदार प्रदर्शन के दम पर यह मुकाम हासिल किया। पुजारा 7 पारियों में 521 रन बनाकर 'मैन ऑफ द सीरीज' भी रहे। अब भारत 12 जनवरी से सिडनी से ही अपने वन डे मैचों के अभियान की शुरूआत करेगा।