
तोड़ा जीत का सिलसिला
इस निर्णायक मैच को जीतकर, भारत ने पिछले तीन दशकों से ब्रिस्बेन टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया का लगातार जीत हासिल करने का सिलसिला तोड़ दिया है। ऑस्ट्रेलिया 1988 से ब्रिस्बेन में एक टेस्ट मैच नहीं हारा है। 1988 में, अब तक ऑस्ट्रेलिया ने ब्रिस्बेन में खेले गए 31 मैचों में से 24 जीते हैं और सात ड्रा किए हैं। भारत के खिलाफ हालिया चौथा टेस्ट ब्रिस्बेन में ऑस्ट्रेलिया का 32 वां था।
ग्राउंड पर ऑस्ट्रेलिया की आखिरी हार 1988 में वेस्टइंडीज के खिलाफ थी। उस समय वेस्टइंडीज ने ऑस्ट्रेलिया को 9 विकेट से हराया था। अब तक, ऑस्ट्रेलिया ने ब्रिस्बेन में 63 टेस्ट खेले हैं। उन्होंने उनमें से 40 मैच जीते हैं। उसने 8 मैच गंवाए थे। ये सभी आठ मैच 1988 से पहले के हैं। इसके अलावा, ब्रिस्बेन में 1 मैच ड्रॉ में समाप्त हुआ है, जबकि 13 मैच ड्रॉ हुए हैं।

पहली बार जीता ब्रिस्बेन में भारत
भारत और ऑस्ट्रेलिया ने ब्रिस्बेन में अब तक छह टेस्ट खेले हैं। मैचों में से एक ड्रॉ था, जबकि पांच मैच ऑस्ट्रेलिया ने जीते थे। दोनों टीमों के बीच हालिया मैच इस मैदान पर 7 वां मैच था। भारत ने पहली बार ब्रिस्बेन मैच जीतने के लिए ऑस्ट्रेलिया को हरा दिया।

ब्रिस्बेन टेस्ट मैच के आंकड़े -
ऑस्ट्रेलिया ने ब्रिस्बेन टेस्ट में पहले बल्लेबाजी की और भारत के खिलाफ 370 रनों का जबरदस्त प्रदर्शन किया। मार्नस लाबुशाने का (108) बल्लेबाजी शतक इसका एक बड़ा हिस्सा था। जवाब में, भारत ने निचले क्रम के बल्लेबाज वाशिंगटन सुंदर (62) और शार्दुल ठाकुर (67) के बीच शतकीय साझेदारी की बदौलत पहली पारी में 336 रन बनाए। जिससे ऑस्ट्रेलिया को 34 रनों की मामूली बढ़त मिली।
इसके बाद, ऑस्ट्रेलिया ने दूसरी पारी में 294 रन जोड़कर 34 रन की बढ़त हासिल कर ली थी। इसलिए भारत के सामने जीत के लिए 328 रनों का लक्ष्य था। युवा भारतीय बल्लेबाज शुभमन गिल (91) और विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत (89) ने भारत को लक्ष्य तक पहुंचाने में मदद की। भारत ने दूसरी पारी में 7 विकेट पर 329 रन बनाए और 3 विकेट से सीरीज जीत ली।


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