नई दिल्लीः केएल राहुल ने इंग्लैंड के खिलाफ बेहतरीन 84 रनों की पारी खेली और कई लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया क्योंकि इससे पहले वे ओपनिंग के पहले दावेदार नहीं माने जा रहे थे। यह शुभ्मन गिल और मयंक अग्रवाल की चोट थी जिसने केएल राहुल को ओपनिंग करने के लिए टीम में उतारा और उन्होंने बेहतरीन तरीके से अपनी भूमिका को अंजाम दिया क्योंकि परिस्थितियां बहुत आसान नहीं थी और जेम्स एंडरसन शानदार बॉलिंग कर रहे थे।
राहुल ने मैच के बाद मीडिया कॉन्फ्रेंस में बताया है कि उनके लिए मध्यक्रम से ओपनिंग में स्विच करना किस तरह का अनुभव रहा। उन्होंने कहा, "देखिए अगर मैं पिछले 2 साल की ओर देखता हूं तो मैंने क्या सीखा है, वह यही है कि आपको सब चीज के लिए तैयार रहना होता है। मुझे अलग-अलग रोल के लिए कहा गया है और कई बार मैंने इसको इंजॉय भी किया है। यह मेरे लिए एक और अवसर था कि मैं जाऊं और अपने आप को चैलेंज दे सकूं।"
भारत ने इंग्लैंड की टीम को 183 रनों पर ढेर कर दिया था लेकिन अगर के एल राहुल 84 रनों की पारी ना खेलते तो टीम इंडिया को भी अच्छी बढ़त ना मिलती और भारत ने रविंद्र जडेजा के 56 रनों की बदौलत भी 278 रनों का ठीक-ठाक स्कोर खड़ा कर दिया जिसके चलते 95 रनों की बेहतरीन लीड मिल गई है। हालांकि इंग्लैंड की टीम ने बारिश के चलते खेल समाप्त होने से पहले अच्छी शुरुआत कर दी है और बिना किसी नुकसान के 25 रन बना दिए हैं।
जब के एल राहुल से पूछा गया कि वह अपनी मानसिकता पर कैसे काम करते हैं, उनको अलग अलग तरीके से टीम में जांचा परखा जाता है और विभिन्न फॉर्मेट में उनकी भूमिका अलग अलग रहती है तो इस इस पर बेंगलुरु के बल्लेबाज का कहना था, "निश्चित तौर पर मैंने जितना भी टेस्ट क्रिकेट खेला , मैंने ओपनिंग भी की है तो ऐसा नहीं है जो मेरे लिए बिल्कुल नया था, मैं ऐसा पहले भी कर चुका हूं। मैंने भारत के लिए पूर्व में ओपनिंग की है तो जब मेरे सामने यह चुनौती आई, मैं इसको दोनों हाथों से लपकना चाहता था।"
केएल राहुल ने रोहित शर्मा के साथ 97 रनों की साझेदारी की थी जबकि रवींद्र जडेजा के साथ 60 रन की साझेदारी करने में कामयाब रहे थे केएल राहुल के अनुसार उनका काम भारतीय पारी को संवारना था और वह खुश हैं कि वे ऐसा कर पाए क्योंकि उनकी पारी अनुशासित थी। वे कहते हैं मैं खुश हूं कि मैं ऐसा कर पाया मैंने काफी अनुशासन भी दिखाया और अपनी टीम को अच्छी शुरुआत दी थी अब हम बेहतर पोजीशन में है।
हालांकि यह बात सही है कि भारत सही स्थिति में है लेकिन टीम इंडिया अक्सर विदेशी दौरों पर हाथ में आए मौकों को जाया कर देती है। इस मैच में लगभग जीत पक्की लग रही है बशर्ते गेंदबाज पहली पारी के जैसे ही पैनापन दिखाएं। एक बार फिर से मोहम्मद शमी और जसप्रीत बुमराह को आगे बढ़कर अगुवाई करनी होगी लेकिन इस बार मोहम्मद सिराज को भी कुछ विकेट लेने होंगे। भारत ने इस मैच में इशांत शर्मा को नहीं खिलाया है जबकि बॉलिंग में क्लासिक स्पिनर रविचंद्रन अश्विन भी नहीं है। रविंद्र जडेजा बल्ले से अपना काम कर चुके हैं लेकिन इस पारी में उनको बॉलिंग में भी कुछ मेहनत करनी होगी ताकि भारत-इंग्लैंड को जितना संभव हो सके उतने कम स्कोर पर समेट कर चौथी पारी में कम से कम टारगेट को हासिल करने की स्थिति में दिखाई दे।