
फिर से उसी टीम के साथ मैदान में उतर सकते हैं कोहली
रविवार को सीरीज का आखिरी मैच जहां ऑस्ट्रेलिया के सम्मान की जीत का होगा तो वहीं भारत के लिए सीरीज का सुखद अंत करने का। चौथे वनडे में भारतीय टीम ने अपनी बेंच स्ट्रेंथ को आजमाया लेकिन कुछ खास प्रभाव नहीं छोड़ पाए। चौथे वनडे में कोहली ने जसप्रीत बुमराह, भुवनेश्वर कुमार और कुलदीप यादव की जगह मोहम्मद शमी, उमेश यादव और अक्षर पटेल को खिलाया था लेकिन तीनों कोई खासा प्रभाव नहीं छोड़ पाए। हालांकि उमेश यादव ने जरूर सबसे ज्यादा 4 विकेट लिए थे लेकिन रनों के मामले में वे थोड़े महंगे साबित हुए। इस लिहाज से कोहली एक बार फिर से टीम में बदलाव कर सकते हैं। अक्षर की जगह कुलदीप को दोबारा टीम में शामिल किया जा सकता है। ये कहना भी लगत नहीं होगा की कोहली फिर से सीरीज की विजेता टीम के साथ मैदान में उतर सकते हैं। हालांकि कोहली ने चौथे वनडे के बाद गेंदबाजों का समर्थन करते हुए कहा था कि- जिस तरह की पिच थी उससे हम 350 के आस पास का स्कोर देख रहे थे लेकिन गेंदबाजों में शानदार प्रदर्शन किया।

केएल राहुल को मिल सकता है मौका
सीरीज में अब तक केएल राहुल को छोड़कर बाकी सभी खिलाड़ियों को मौका दिया जा चुका है। ऐसे में न्यूजीलैंड को ध्यान में रखते हुए विराट केएल राहुल को आखिरी वनडे में मौका दे सकते हैं। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीन टी20 मैचों की सीरीज 7 अक्टूबर से शुरू हो रही है। ऐसे में केएल राहुल को पर सबकी निगाहें होंगी। गौरतलब है कि राहुल का टी20 प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है। टी20 सीरीज से पहले दोनों टीमें अपनी बेंच स्ट्रेन्थ चेक करना चाहेंगी।

भारतीय ओपनर्स का शानदार प्रदर्शन लेकिन मध्यक्रम नहीं दे रहा साथ
भारतीय सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा और अजिंक्य रहाणे के बीच बेंगलुरू में लगातार दूसरे मैच में शतकीय साझेदारी हुई। बेंगलुरू वनडे में रोहित शर्मा दुर्भाग्यपूर्ण रूप से रन आउट हुए थे हालांकि वे जिस तरह से बल्लेबाजी कर रहे थे उससे अंदाजा लगाया जा सकता था कि रोहित बड़ी पारी खेल सकते थे। वहीं रहाणे ने भी लगातार तीसरे वनडे में अर्धशतक जड़ा। भारत के लिए ये अच्छे संकेत हैं। क्योंकि शिखर धवन की अनुपस्थिति में एक मजबूत विकल्प की तलाश थी जिसे रहाणे ने महसूस नहीं होने दिया। सरीज में रहाणे अब तक 45.75 के औसत से 183 रन बना चुके हैं। हालांकि मध्यक्रम अभी भी भारत के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। केदार जाधव और मनीष पांडे ने चौथे वनडे में शानदार बल्लेबाज की लेकिन वे भारत को जीत दिलाने में उनकी पारी कारगर साबित नहीं हुई। हालांकि एक बार को लगा था कि जाधव और पांडे भारत की नैया पार लगा सकते हैं लेकिन लगत शॉट चयन की वजह से उन्हें अपना विकेट गंवाना पड़ा।

पांड्या का कमाल लेकिन धोनी की अनदेखी?
चौथे वनडे में कई ऐसी बातें रही जिससे भारत को सबक लेना चाहिए। भले ही हार्दिक पांड्या सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं लेकिन फिनिशिंग पावर धोनी जैसी नहीं है। चौथे वनडे में पांड्या को धोनी से पहले भेजकर कोहली ने तीसरे वनडे जैसा प्रदर्शन दोहराना चाहा। हालांकि पांड्या ने कोशिश अच्छी की लेकिन वे भारत को जीत की तरफ ढकेलने में नाकामयाब रहे। क्रिकेट एक्सपर्ट का कहना है कि अगर चौथे वनडे में पांड्या जितना समय धोनी को मिला होता तो खेल का नतीजा कुछ और होता। दिग्गजों का ये भी कहना है कि पांड्या को फिनिशर के तौर पर तैयार करना चाहिए। ऐसे में अगर उन्हें नंबर 6 या 7 पर बल्लेबाजी पर भेजा जाए तो बेहतर होगा। खैर, ये कप्तान के दिमाग और रणनीति पर निर्भर करता है कि वह कि सिचुएशन में किस खिलाड़ी को पहले प्रमोट करे। वैसे पांड्या ने अब तक बाकिले तारीफ प्रदर्शन किया है। पांड्या ने अब तक 55.50 के औसत से सबसे ज्यादा 222 रन बनाए हैं। जबकि सीरीज में 5 विकेट के साथ 5वें सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज भी हैं पांड्या।

पहली बार ऑस्ट्रेलिया ने किया ऑलराउंडर प्रदर्शन, भारत की चिंता बढ़ी!
पूरी सीरीज में ऑस्ट्रेलिया ने बेंगलुरू में शानदार प्रदर्शन किया था। पहले बल्लेबाजों ने बड़ा सकोर खड़ा किया फिर गेंदबाजों ने नियमित अंतराल से विकेट लिए और भारत को अंत में हार की तरफ ढकेल दिया। सीरीज में पहली बार नाथन कुल्टर नाइल और पैट कमिंस और केन रिचर्डसन ने सही गति और लय में गेंदबाजी की। खासतौर पर डेथ ओर में रिचर्डसन की गेंदबाजी ऑस्ट्रेलिया के लिए जीत की कारक बनी। बल्लेबाजी की बात करें तो समामी बल्लेबाज एरॉन फिंच जबरदस्त फॉर्म में हैं। फिंच ने सीरीज में केवल 2 मैच खेले हैं 109 के औसत से 218 रन बनाकर नंबर दो पर हैं। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया के लिए फिंच की वापसी सबसे ज्यादा उपयोगी साबित हुई। वहीं डेविड वार्नर ने अपने 100वें वनडे में शतक लगाकर विश्व रिकॉर्ड बनाया ऐसे में उनकी मनोबल भी काफी ऊंचा होगा।

नागपुर में जमकर बरसेंगे रन
पूरी सीरीज में ऑस्ट्रेलिया ने बेंगलुरू में शानदार प्रदर्शन किया था। पहले बल्लेबाजों ने बड़ा सकोर खड़ा किया फिर गेंदबाजों ने नियमित अंतराल से विकेट लिए और भारत को अंत में हार की तरफ ढकेल दिया। सीरीज में पहली बार नाथन कुल्टर नाइल और पैट कमिंस और केन रिचर्डसन ने सही गति और लय में गेंदबाजी की। खासतौर पर डेथ ओर में रिचर्डसन की गेंदबाजी ऑस्ट्रेलिया के लिए जीत की कारक बनी। बल्लेबाजी की बात करें तो समामी बल्लेबाज एरॉन फिंच जबरदस्त फॉर्म में हैं। फिंच ने सीरीज में केवल 2 मैच खेले हैं 109 के औसत से 218 रन बनाकर नंबर दो पर हैं। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया के लिए फिंच की वापसी सबसे ज्यादा उपयोगी साबित हुई। वहीं डेविड वार्नर ने अपने 100वें वनडे में शतक लगाकर विश्व रिकॉर्ड बनाया ऐसे में उनकी मनोबल भी काफी ऊंचा होगा।
नागपुर में जमकर बरसेंगे रन
नागपुर के विदर्भ क्रिकेट एसोसिएशन में होने वाले भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया पांचवें वनडे से पहले पिच क्यूरेटर प्रवीण हिंग्निकर ने पीटीआई से बातचीत में कहा है कि इस मैदान पर दोनों टीमों के बीच अच्छी प्रतियोगिता देखने को मिलेगी। उन्होंने बताया कि हाल ही में मैदान की नई पिच तैयार की गई है। गौरतलब है कि इस मैदान पर खेला गया आखिरी वनडे मैच भी भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच ही था। उस मैच में टीम इंडिया ने 350 के स्कोर का पीछा करते हुए 6 विकेट से जीत हासिल की थी।

टीमेंः-
ऑस्ट्रेलिया (संभावित प्लेइंग इलेवन):- डेविड वॉर्नर, एरन फिंच, स्टीवन स्मिथ (कप्तान), ट्रैविस हेड, पीटर हैंड्सकॉम्ब, मार्कस स्टोइनिस, मैथ्यू वेड, पैट कमिंस, नाथन कूल्टर नाइल, केन रिचर्डसन, एडम जांपा।
भारत (संभावित प्लेइंग इलेवन):- जिंक्य रहाणे, रोहित शर्मा, विराट कोहली (कप्तान), केएल राहुल/मनीष पांडे, केदार जाधव, एमएस धोनी, हार्दिक पांड्या, भुवनेश्वर कुमार, जसप्रीत बुमराह, कुलदीप यादव, युजवेंद्र चहल।


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