
लाल की जगह पिंक बॉल से मैच क्यों
इन मैचों में सिर्फ खेल का वक्त ही नहीं बदला गया बल्कि गेंद का रंग भी बदल दिया गया। डे-नाइट मैचों में लाल की जगह पिंक बॉल का इस्तेमाल होता है। ऐसा करने के पीछे मुख्य कारण है सूरज की रोशनी का न होना। जी हां आम टेस्ट मैचों मे खिलाड़ी सूरज की रोशनी में खेलते हैं जबकि डे-नाइट के दौरान उसे स्टेडियम लाइट में खेलना पड़ता है। फ़्लडलाइट में बैट्समैन के लिए रेड बॉल को देखना मुश्किल होता है जबकि पिंक बॉल आसानी से देखी जाती है तो इसलिये लाल की जगह पिंक बॉल का प्रयोग किया जाता है।

क्या पिंक बॉल और डे-नाइट मैच ज़्यादा दर्शकों को आकर्षित करेगा?
बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली का मानना है कि टेस्ट मैच में इन बदलावों के बाद दर्शक जुटाने में काफी मदद मिलेगी। वहीं इसके उलट हरभजन सिंह का मानना है कि सिर्फ पिंक बॉल और डे-नाइट कर देने से कुछ नहीं बदलने वाला, इसके लिये आपको छोटे शहरों में ज्यादा मैच कराने होंगे। वहीं राहुल द्रविड़ का मानना है कि बुनियादी सुविधाओं पर ध्यान देना होगा और फेस्टिव सीजन पर क्रिकेट फेस्ट का आयोजन कराना होगा।
खैर क्रिकेट का कोई भी बदलाव फैन्स को आकर्षित कर सकता है लेकिन अगर दर्शकों को स्टेडियम बुलाना है तो बाकी चीजों पर भी ध्यान देना होगा। हालांकि ये ज़रूर हो सकता है कि इन सबसे टीवी पर मैच देखने वालों की संख्या में इजाफ़ा हो जाए।

'ब्लैक सीम से गेंद देखने में बल्लेबाजों को होगी मुश्किल
बांग्लादेश के खिलाफ इस सीरीज में भारतीय टीम हावी नजर आई है जिसके चलते कोलकाता में होने वाले मैच में भी वह दबदबा बरकरार रख सकती है। इस दौरान बल्लेबाजों को एक और चीज है जिससे मुश्किल का सामना करना पड़ेगा और वो है पिंक बॉल की 'ब्लैक सीम', जिसे बल्लेबाजों के लिये देख पाना मुश्किल होता है।
भारत के पूर्व तेज गेंदबाज मदन लाल का मानना है कि सीरीज में अच्छी लय में नजर आ रही भारतीय टीम की तेज गेंदबाजी तिकड़ी पिंक बॉल से बांग्लादेश के लिये मुश्किलें खड़ी कर सकती है। पिंक बॉल की काली सीम को देख पाना बांग्लादेशी क्रिकेटरों के लिए मुश्किल होगा। इसके अलावा पिंक बॉल में मूवमेंट काफी देखने को मिलती है तो ओस की वजह से स्पिनर्स को परेशानी हो सकती है।

इन बदलावों के चलते क्या बदल जाएगा टेस्ट क्रिकेट?
क्रिकेट विशेषज्ञ इस मुद्दे पर 2 पक्ष मे बंटे हुए हैं। लेकिन देखने वाली बात यह होगी कि मैच के आखिर में फैन्स किस तरह से टेस्ट क्रिकेट के इन बदलावों का स्वागत करते हैं। लोगों ने कई वर्षों तक टेस्ट क्रिकेट का जमकर लुत्फ़ उठाया है लेकिन जैसे बाकी चीज़ें बदलती हैं, वैसे ही क्रिकेट भी बदला है।
वहीं टेस्ट क्रिकेट में नए बदलावों पर बात करते हुए मदन लाल ने कहा कि इसे डे क्रिकेट की जगह लेने में काफी समय लगेगा। यह आसान नहीं होगा कि हम डे क्रिकेट बंद कर सिर्फ डे-नाइट टेस्ट मैच खेलें।


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