
2011 में हुई इस घटना ने बनाया कोहली को फिटनेस फ्रीक
भारतीय टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंदर सहवाग ने फिटनेस के प्रति भारतीय कप्तान विराट कोहली के ऑब्सेशन को लेकर बात करते हुए बताया कि आखिर किस घटना की वजह से वह फिटनेस के प्रति इतने जुनूनी हो गये हैं। सहवाग ने इसको लेकर साल 2011 में हुई एक घटना का जिक्र किया जब भारतीय टीम इंग्लैंड के दौरे पर थी और युवा विराट कोहली भारत की टेस्ट और लिमिटेड ओवर सीरीज का हिस्सा थे।
क्रिकबज से बात करते हुए सहवाग ने कहा,'मैंने 2011-12 में इंग्लैंड का अपना आखिरी दौरा किया था और दो टेस्ट मैच खेले थे। मैंने एक मैच में ओवल में और एक बर्मिंघम में खेला था। यहां पर सभी काउंटी टीमें मौजूद थी जिनके ड्रेसिंग रूम में फिटनेस स्टैंडर्ड को तय करने वाला चार्ट भी मौजूदा था जो कि इसके मानक तय करता था। मुझे लगता है कि मौजूदा भारतीय टीम ने अपने फिटनेस के स्टैंडर्ड वहां से लेने का काम किया है।'

फिटनेस टेस्ट में बुरी तरह फेल हुई थी भारतीय टीम
सहवाग ने आगे बात करते हुए कहा कि हमारे खिलाड़ी खुद इस चीज को ट्राय करने के लिये उत्सुक थे लेकिन जब वो फील्डिंग ड्रिल के लिये मैदान पर उतरे तो बेहद शर्मनाक तरीके से फेल हो गये। सहवाग का मानना है कि विराट कोहली के दिल में कहीं न कहीं यह बात घर कर गई और उन्होंने इसे स्वीकार करने से इंकार कर दिया और मौजूदा समय में भारतीय फिटनेस टीम का यह माहौल उसी फेल कोशिश का नतीजा है।
सहवाग ने कहा,'मैं ऐसा इसलिये कह रहा हूं क्योंकि जब हमने उस समय फिटनेस चार्ट को देखा था तो हम काफी इंप्रेस हुए थे, हमें लगा था कि यह सब कुछ वजन, फ्लेक्सिबिलिटी और मोबिलिटी से जुड़ा हुआ है और हमने वैसा करने की कोशिश भी की लेकिन हमारी टीम 2011-12 में हुए उन सभी टेस्ट में बुरी तरह फेल हो गई थी।'

कोहली के दिल पर लगी यह बात
सहवाग ने आगे कहा कि मुझे लगता है कि विराट कोहली ने यह चीज उसी दौरे से पिक किया है। अगर इंग्लैंड में फिटनेस को लेकर ऐसे मानक तय किये गये हैं तो हमारे पास भी ऐसी ही मानक होने चाहिये। जब से उन्होंने भारतीय टीम की कमान संभाली है जिसके बाद से उन्होंने इस बात पर जोर दिया है कि टीम में चयन के लिये कुछ खास टेस्ट पास करना बेहद जरूरी है और तभी हम बेस्ट टीम के साथ मुकाबला कर सकते हैं।


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