'जब पहली बार टीम इंडिया में शुरू हुआ फिटनेस टेस्ट तो आधी टीम फेल हो गई थी'

नई दिल्ली। टीम इंडिया में इस समय में फिटनेस को काफी महत्ता दी जाती है। टीम में चयन के लिए खिलाड़ियों को फिटनेस के एक स्तर को बनाए रखना होता है, लिहाजा किसी भी खिलाड़ी को टीम में चयन के लिए यो-यो टेस्ट को पास करना जरूरी होता है। यही वजह है कि फिटनेस को लेकर ना सिर्फ टीम मैनेजमेंट बल्कि खिलाड़ी भी काफी महत्व देते हैं। कई ऐसे खिलाड़ी हैं जो फिटनेस टेस्ट में फेल होने के बाद टीम में जगह नहीं बना पाते हैं। टीम इंडिया में चयन के लिए फिटनेस के इस स्तर को हेड कोच रवि शास्त्री ने सेट किया है।

बड़े-बड़े खिलाड़ी भी हुए टेस्ट में फेल

बड़े-बड़े खिलाड़ी भी हुए टेस्ट में फेल

टीम इंडिया में फिटनेस टेस्ट को वर्ष 2017-18 में लागू किया गया था। बीसीसीआई ने टीम में चयन के लिए यो-यो टेस्ट को लागू किया था, जिसे पास करना टीम के वरिष्ठ खिलाड़ियों के लिए भी अनिवार्य था। उस वक्त अंबाती रायडू, मोहम्मद शामी तक को टीम से इसलिए बाहर कर दिया गया था क्योंकि वो फिटनेस टेस्ट को पास नहीं कर सके थे। जो भी खिलाड़ी फिटनेस टेस्ट में फेल होता था उसे या तो टीम से बाहर कर दिया जाता था या फिर प्लेइंग 11 में शामिल नहीं किया जाता है।

यहां से आया यो-यो टेस्ट

यहां से आया यो-यो टेस्ट

लेकिन टीम में यो-यो टेस्ट आया कहां से इस बारे में पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने बताया है। क्रिकबज के एक कार्यक्रम में बोलते हुए सहवाग ने कहा कि टीम इंडिया में फिटनेस टेस्ट को इंग्लैंड के ड्रेसिंग रूम से लिया गया है। सहवाग ने कहा कि संभव है कि कप्तान कोहली इंग्लैंड के ड्रेसिंग रूम से प्रेरित हुए थे और उन्होंने टीम में फिटनेस के स्टैंडर्ड को सेट किया। सहवाग ने कहा कि आखिरी बार जब मैं 2011-12 में इंग्लैंड के दौरे पर गया था तो वहां मैंने दो टेस्ट मैच खेले थे। एक मैच मैंने ओवल और दूसरा मैच बर्मिंघम में खेला था। जो भी काउंटी टीम वहां है, उनके ड्रेसिंग रूम में फिटनेस का चार्ट लगा होता है। मुझे लगता है कि मौजूदा भारतीय टीम की फिटनेस का स्टैंडर्ड वहीं से प्रेरित है।

फिटनेस को लेकर सेट स्टैंडर्ड है

फिटनेस को लेकर सेट स्टैंडर्ड है

सहवाग ने कहा कि हम भी वो लिस्ट देखकर प्रेरित हुए थे। खिलाड़ी का इतना वजन होना चाहिए, इतनी मोबिलिटी होनी चाहिए, इतनी फ्लेक्सिबिलिटी होनी चाहिए। जब हमने ये करने की कोशिश की तो 2011-12 में हमारी आधी से ज्यादा टीम इसमे फेल हो गई। लिहाजा मुझे लगता है कि कप्तान विराट कोहली वहां से प्रेरित हैं। उन्हें लगा कि अगर इंग्लैंड फिटनेस के इस स्तर का पालन करती है तो हमे भी करना चाहिए। उसके बाद से टीम के कप्तान ने फिटनेस पर ध्यान देना शूरू किया और टीम में एक निश्चित फिटनेस टेस्ट को पास करने की शुरुआत हुई।

राहुल तेवतिया, वरुण चक्रवर्ती फिटनेस टेस्ट में फेल

राहुल तेवतिया, वरुण चक्रवर्ती फिटनेस टेस्ट में फेल

बता दें कि हाल ही में वरुण चक्रवर्ती और राहुल तेवतिया फिटनेस टेस्ट में फेल हो गए थे। दोनों ही खिलाड़ियों का चयन इंग्लैंड के खिलाफ पांच टी-20 मैचों की सीरीज में हुआ था, लेकिन चक्रवर्ती और तेवतिया फिटनेस टेस्ट में पास नहीं हो सके। बहरहाल देखने वाली बात यह है कि इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टी-20 मुकाबले में भारतीय टीम क्या वापसी कर पाती है। फिलहाल इंग्लैंड की टीम सीरीज में 2-1 से आगे है।

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Story first published: Thursday, March 18, 2021, 18:12 [IST]
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